फिल्म-सिटी के लिए पेड़ों की कटाई फिर शुरू:रायपुर में विरोध करने पहुंचे ग्रामीणों को पुलिस थाने ले गई

रायपुर – नवा रायपुर के माना-तूता में बन रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी के लिए जंगल में पेड़ों की कटाई फिर शुरू हो गई है। कटाई का विरोध करने पहुंचे ग्रामीणों को पुलिस थाने ले गई। ग्रामीणों को माना थाने में रखा गया है। ऐसे में बाकी ग्रामीण भी थाने पहुंचे गए।
दरअसल, पेड़ काटे जाने की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे और कटाई रोकने की मांग की थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी इसका विरोध किया था। विरोध के बाद पेड़ों की कटाई रोक दी गई थी।
ग्रामीण बोले- 30 से 40 साल पुराने हैं पेड़
ग्रामीणों का कहना है कि फिल्म सिटी का निर्माण करीब 100 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। इसके लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने की आशंका है। जंगल में काटे जा रहे पेड़ करीब 30 से 40 साल पुराने हैं। एक पेड़ को बड़ा होने में कई साल लग जाते हैं। ऐसे में पुराने पेड़ों को काटना पर्यावरण के लिहाज से सही नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें विकास कार्यों से परेशानी नहीं है, लेकिन इसके लिए जंगल के पुराने पेड़ों को नहीं काटना चाहिए। उनकी मांग है कि फिल्म सिटी के लिए नवा रायपुर में किसी दूसरे स्थान का चयन किया जाए।
क्या है चित्रोत्पला फिल्म सिटी परियोजना?
नवा रायपुर के माना-तूता क्षेत्र में चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 24 जनवरी 2026 को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना और राज्य को फिल्मों की शूटिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
परियोजना के तहत फिल्म सिटी के लिए 95.79 करोड़ रुपए और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए 52.03 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। दोनों परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित करने की योजना है। इसमें निजी क्षेत्र से करीब 300 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना भी जताई गई है।
फिल्म सिटी में फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां सड़क, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे स्थायी सेट तैयार करने की योजना है।
फिल्म इंडस्ट्री और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना
चित्रोत्पला फिल्म सिटी से छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और अन्य आयोजन किए जाने हैं।
हालांकि, निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि विकास कार्यों के साथ जंगल और पुराने पेड़ों को भी सुरक्षित रखा जाए।
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