बिलासपुर में गूंजी “बोल बम” की हुंकार, श्रद्धालुओं की एकजुटता के बाद साउथ बिहार एक्सप्रेस की सेवा बहाल

हजारों शिवभक्तों के लोकतांत्रिक आंदोलन के बाद रेलवे का आदेश, श्रद्धालुओं ने कहा—”यह आस्था की जीत, जनशक्ति की ताकत
बिलासपुर। श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले शिवभक्तों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। 13288/13287 आरा–दुर्ग–आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस की एंड-टू-एंड सेवा बहाल करने का आदेश दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने जारी कर दिया है। यह निर्णय उस समय सामने आया है जब बिलासपुर में हजारों बाबा भोलेनाथ के श्रद्धालुओं ने डीआरएम कार्यालय तक विशाल पैदल मार्च निकालकर अपनी मांग बुलंद की थी।
भगवा वस्त्र धारण किए श्रद्धालुओं ने रामलीला मैदान से रेलवे के डीआरएम कार्यालय तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उनके हाथों में कांवड़, भगवा ध्वज और धार्मिक प्रतीक थे। प्रदर्शनकारियों की एक ही मांग थी कि श्रावणी मेला के दौरान साउथ बिहार एक्सप्रेस को पूर्ववत आरा से दुर्ग और दुर्ग से आरा तक पूर्ण रूप से संचालित किया जाए, ताकि कांवड़ यात्रियों और अन्य श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में अगस्त 2026 के लिए 13288/13287 साउथ बिहार एक्सप्रेस की एंड-टू-एंड सेवा बहाल करने की जानकारी दी गई है। आदेश में इस निर्णय का कारण श्रावणी मेला के दौरान यात्रियों की सुविधा बताया गया है।
हालांकि रेलवे के आदेश में यह उल्लेख नहीं है कि निर्णय सीधे प्रदर्शन के कारण लिया गया, लेकिन आंदोलन में शामिल श्रद्धालुओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इसे अपनी मांगों की सफलता और जनआंदोलन की सकारात्मक उपलब्धि बताया है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह केवल एक ट्रेन की बहाली नहीं, बल्कि लाखों शिवभक्तों की आस्था और सुविधा से जुड़ा विषय था। उनका मानना है कि शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज़ ने प्रशासन का ध्यान इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे की ओर आकर्षित किया।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह संदेश भी दिया है कि जब जनहित और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर समाज संगठित होकर संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखता है, तो प्रशासन उस पर विचार कर सकता है।
श्रद्धालुओं में खुशी की लहर
रेलवे के आदेश के बाद श्रद्धालुओं ने इसे स्वागतयोग्य निर्णय बताते हुए कहा कि इससे श्रावणी मेला में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। उन्होंने रेलवे प्रशासन के निर्णय का स्वागत किया और भविष्य में भी यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देने की अपेक्षा जताई।
“हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ शुरू हुआ आंदोलन अब राहत भरे निर्णय के साथ समाप्त होता दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह किसी की हार या जीत का नहीं, बल्कि आस्था, जनसुविधा और लोकतांत्रिक संवाद की सकारात्मक मिसाल है।
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