राज्य समाचार

पुणे से आए पर्यटकों को खूब भाया यहां के पर्यटन स्थल और संस्कृति

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जिला प्रशासन पर्यटन के विकास के लिए सतत रूप से कर रहा है कार्य

 

जशपुरनगर (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर के पर्यटक स्थल झरनों, गुफाओं, चाय बागानों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण जशपुर की खूबसूरती को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने पर्यटन अधोसंरचना का विकास करने सहित कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

 

मुख्यमंत्री की इस  पहल न केवल जशपुर की विरासत को एक पहचान मिल रही है, बल्कि स्थानीय युवाओं और समुदाय के लिए भी अवसरों के नए द्वार खोल रही है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास और जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार का मार्गदर्शन में जशपुर की पर्यटकों का आकर्षित करने के लिए कई कार्यक्रम का संचालन भी किया जा रहा है।

इसी कड़ी में स्थानीय ट्रैवल स्टार्टअप ट्रिप्पी हिल्स ने अनएक्सप्लोर्ड बस्तर के साथ मिलकर एक संगठित टूर के द्वारा पुणे से आए पर्यटकों को जशपुर की विविधताओं से रूबरू कराया।

पर्यटकों ने जशपुर के कई पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। कैलाश गुफा की रहस्यमयी संरचना ने सभी को आकर्षित किया, वहीं राजपुरी जलप्रपात और रानीदह जलप्रपात की गूँजती धाराओं ने प्रकृति की शक्ति और सौंदर्य का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया। सोगड़ा आश्रम की शांत व सुकूनभरी वातावरण में पर्यटकों ने आध्यात्मिक अनुभूति पाई। इसके अलावा, सरुदीह टी गार्डन की हरी-भरी वादियों ने उन्हें चाय बगानों के सौंदर्य से परिचित कराया।

पर्यटकों के लिए इस यात्रा का एक खास आकर्षण था जनजातीय नृत्य प्रदर्शन, जो सरुदीह टी गार्डन में आयोजित किया गया। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी संस्कृति की झलक दिखाई, जिसे देखकर मेहमानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और तालियों से स्वागत किया। यह अनुभव पर्यटकों के लिए जशपुर की लोकधरोहर से जुड़ने का अनोखा अवसर रहा।

 

जशपुर यात्रा के दौरान पर्यटकों ने जनजातीय संग्रहालय का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्हें आदिवासी जीवनशैली, पारंपरिक शिल्प, वाद्ययंत्र और सांस्कृतिक धरोहर की अनूठी झलक देखने को मिली। संग्रहालय ने उन्हें जशपुर की समृद्ध जनजातीय विरासत से नज़दीक से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।

यात्रा के दौरान पर्यटकों ने खांडसा गाँव में स्वादिष्ट पारंपरिक भोजन का भी आनंद लिया। स्थानीय व्यंजनों ने उन्हें ग्रामीण जीवनशैली और आतिथ्य की असली पहचान से परिचित कराया। समूह ने बताया कि गांव वालों की सादगी और आत्मीयता उनके लिए किसी यादगार अनुभव से कम नहीं रही।

पर्यटकों के लिए यह यात्रा सहज, सुरक्षित व आनंददायी होने के साथ यादगार भी रहा। पर्यटकों ने कहा कि उन्हें स्थानीय गाइड की मदद मिलने के साथ ही लोगों का मृदुल व्यवहार भी खूब भाया। उन्होंने बताया कि यहां की संस्कृति काफी सुंदर है। प्राकृतिक स्थल मन को मोह लेने वाला है।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button