अटल प्रतिमा मामले में सरकार का बड़ा एक्शन….

ग्राम यात्रा की खोजी रिपोर्ट, जनआक्रोश और उच्च स्तरीय जांच के बाद उप अभियंता निलंबित...
अब ठेकेदार, निर्माण एजेंसी और अन्य जिम्मेदारों पर भी बड़ी कार्रवाई की बढ़ी उम्मीद

कटघोरा/कोरबा। ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्युज नेटवर्क नगर पालिका परिषद के अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण में सामने आई कथित अनियमितताओं के मामले में आखिरकार नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठा दिया है।
मंगलवार को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर से कार्यपालन अभियंता अली बख्श स्वयं कटघोरा पहुंचे और पूरी निर्माण प्रक्रिया तथा प्रतिमा का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता संबंधी गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने पर प्रतिमा का नमूना वैज्ञानिक परीक्षण (टेस्टिंग) के लिए भेजा गया।
इसके बाद विभागीय जांच प्रतिवेदन शासन को भेजा गया और 31 जुलाई 2026 को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित उप अभियंता चंद्रप्रकाश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
मामला कैसे बना राज्य स्तरीय चर्चा का विषय?
अटल परिसर और प्रतिमा की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों को ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और युवा कांग्रेस द्वारा भी लगातार शिकायतें एवं आंदोलन किए गए। इसके बाद विभाग ने उच्च स्तरीय जांच कराई।
अब जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई पहली बड़ी कार्रवाई यह संकेत देती है कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है।
अब निगाह अगली कार्रवाई पर
उप अभियंता के निलंबन के बाद अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है—
क्या निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की जिम्मेदारी भी तय होगी?
क्या निर्माण में उपयोग सामग्री की अंतिम परीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक होगी?
यदि गुणवत्ता में कमी सिद्ध होती है, तो क्या सरकारी धन की रिकवरी होगी?
क्या अटल बिहारी वाजपेयी की नई, मानक अनुरूप प्रतिमा स्थापित की जाएगी?
ग्राम यात्रा की मुहिम जारी रहेगी
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क इस पूरे मामले की अगली कार्रवाई पर भी लगातार नजर बनाए रखेगा। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन की पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने से जुड़े तथ्यों को सामने लाना है।
अब कटघोरा की जनता को इंतजार है कि क्या सरकार केवल निलंबन तक सीमित रहेगी या फिर ठेकेदार, निर्माण एजेंसी और अन्य जिम्मेदार पक्षों पर भी नियमानुसार कार्रवाई कर सार्वजनिक धन की रक्षा सुनिश्चित करेगी।
Live Cricket Info
