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ब्रेकिंग न्यूज़ छत्तीसगढ़ में आधार ऑपरेटर्स की 7 सूत्रीय मांगों को लेकर 18 से 3 दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का ऐलान ,कोरबा में भी आधार सेवाएं रहेंगी बंद, जनता होगी परेशान

कोरबा।(ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ ) में आधार ऑपरेटर्स की 7 सूत्रीय मांगों को लेकर 18 से 3 दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का ऐलान ,कोरबा में भी आधार सेवाएं रहेंगी बंद, जनता होगी परेशान

कोरबा। छत्तीसगढ़ में सभी आधार ऑपरेटर्स ने अपने साथ हो रहे अनदेखी के चलते तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। यह हड़ताल 18, 19, और 20 नवंबर 2024 को आयोजित की जाएगी। लंबे समय से ऑपरेटर्स की समस्याओं को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन किसी भी प्रकार का समाधान नहीं निकलने पर हड़ताल का सहारा लिया जा रहा है।

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आधार ऑपरेटर्स का कहना है कि उन्होंने कई बार चिप्स (CHiPS) सीईओ से मुलाकात करने की कोशिश की, परंतु उनसे मुलाकात नहीं हो पाई और पत्राचार का भी कोई परिणाम नहीं निकला। ऑपरेटर्स ने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, और विधानसभा अध्यक्ष से भी मुलाकात की, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।

ऑपरेटर्स का कहना है कि हड़ताल के दौरान जनहित योजनाओं से जुड़े कार्यों में संभावित रुकावटों की पूरी जिम्मेदारी चिप्स प्रशासन की होगी। अगर तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो सभी ऑपरेटर्स रायपुर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।

आधार ऑपरेटर्स की प्रमुख मांगें, जो कि इस प्रकार हैं:????

आधार किट की व्यवस्था :

छत्तीसगढ़ में लगभग 2000 आधार ऑपरेटर्स CHiPS एजेंसी के अंतर्गत सात से अधिक वर्षों से कार्यरत हैं। हाल ही में UIDAI द्वारा आधार केंद्रों को इन-हाउस मॉडल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। परंतु CHiPS के पास आधार किट उपलब्ध नहीं है। ऑपरेटर्स की मांग है कि सभी ऑपरेटर्स के लिए CHiPS किट उपलब्ध कराए या ऑपरेटर्स की अपनी किट को ही इन-हाउस में स्वीकार किया जाए।
कमीशन भुगतान का निपटारा :

आधार ऑपरेटर्स का कमीशन भुगतान दिसंबर 2022 के बाद से अटका हुआ है। ऑपरेटर्स ने कई बार CHiPS सीईओ और आधार प्रोजेक्ट इंचार्ज से संपर्क किया है, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला है।

ऑपरेटर्स ने शीघ्र भुगतान की मांग की है।
चॉइस सेंटर्स को सरकारी परिसर घोषित करना :
ऑपरेटर्स का कहना है कि उन्हें अपनी चॉइस सेंटर्स में काम करने की अनुमति दी जाए। चॉइस सेंटर्स को सरकारी परिसर घोषित कर मॉडल में शामिल करने की मांग की गई है ताकि उनके कार्य प्रभावित न हों।

बीमा व्यवस्था :
शिविरों में जाते समय दुर्घटना या आधार मशीनों की क्षति होने पर ऑपरेटर्स के लिए 50 लाख तक का बीमा मुहैया कराने की मांग है ताकि किसी भी आपात स्थिति में ऑपरेटर्स को सहायता मिल सके।

तकनीकी सहायता :
आधार ऑपरेटर्स को आए दिन तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन CHiPS की ओर से कोई तकनीकी सहायता उपलब्ध नहीं है। ऑपरेटर्स की मांग है कि टेक्निकल सपोर्ट की उचित व्यवस्था की जाए।

निगरानी समिति में प्रतिनिधित्व :
प्रदेश और जिला स्तर पर आधार निगरानी समितियों में आधार ऑपरेटर्स को भी प्रतिनिधित्व देने की मांग है ताकि उनकी समस्याओं पर नियमित चर्चा हो सके।

लोक सेवा केंद्र में आधार संचालन की अनुमति :
लोक सेवा केंद्रों पर अन्य सरकारी कार्यों के साथ आधार पंजीयन और अपडेट का कार्य भी किया जाता है, लेकिन कुछ जिलों में ऑपरेटर्स को अलग-अलग स्थान पर कार्य करने को कहा जा रहा है, जो असुविधाजनक है। ऑपरेटर्स की मांग है कि लोक सेवा केंद्र ऑपरेटर्स को अपने केंद्र में ही आधार संचालन की अनुमति दी जाए।

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