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जनगणना ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के हक की उठी आवाज: कर्तव्य प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग

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ग्रीष्मावकाश में किया जनगणना का काम, अब अर्जित अवकाश के लिए चाहिए प्रमाण-पत्र; आयुक्त ने दिया शीघ्र निर्णय का आश्वासन

 

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कोरबा।  जनगणना 2027 के प्रथम चरण में ग्रीष्मावकाश के दौरान मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का दायित्व निभाने वाले शिक्षकों को उनके कार्य का नियमानुसार लाभ दिलाने की मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने जनगणना कार्य में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को कर्तव्य प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग की है, ताकि वे शिक्षा विभाग के नियमानुसार अर्जित अवकाश का लाभ प्राप्त कर सकें।

 

फेडरेशन के प्रदेश महामंत्री विपिन यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर पालिक निगम कोरबा के आयुक्त से मुलाकात कर इस संबंध में आवेदन सौंपा। संगठन ने कहा कि जिले के सैकड़ों प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने ग्रीष्मावकाश के दौरान जनगणना 2027 के प्रथम चरण में प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में जिम्मेदारी निभाई तथा मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूर्ण किया।

 

छुट्टियों में सरकारी काम किया तो नियमानुसार मिले उसका लाभ

 

फेडरेशन का कहना है कि ग्रीष्मावकाश की अवधि में विभागीय अथवा शासकीय कार्य करने वाले शिक्षकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश का लाभ दिए जाने की व्यवस्था है। लेकिन इसके लिए संबंधित शिक्षक के पास उसके द्वारा किए गए कार्य का कर्तव्य प्रमाण-पत्र होना आवश्यक है।

 

इसी कारण संगठन ने मांग की है कि जनगणना कार्य में तैनात सभी पात्र प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को नियमानुसार कर्तव्य प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।

 

फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि शिक्षक किसी अतिरिक्त या अनुचित लाभ की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि ग्रीष्मावकाश के दौरान किए गए शासकीय कार्य के बदले नियमानुसार मिलने वाले अधिकार की मांग कर रहे हैं।

दूसरे जिलों के प्रमाण-पत्र भी आयुक्त के सामने रखे

 

प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांग के समर्थन में अन्य जिलों में जारी किए गए कर्तव्य प्रमाण-पत्रों के उदाहरण तथा पूर्व में प्रस्तुत आवेदन की छायाप्रतियां भी आयुक्त को उपलब्ध कराईं।

 

फेडरेशन ने आग्रह किया कि जब शिक्षकों ने शासन द्वारा सौंपे गए जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को अवकाश की अवधि में भी जिम्मेदारी से पूरा किया है, तो उनके अधिकार से संबंधित प्रक्रिया भी अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए।

 

आयुक्त ने कहा—परीक्षण कर जल्द लिया जाएगा निर्णय

 

प्रतिनिधिमंडल की मांग को सुनने के बाद नगर निगम आयुक्त ने प्रकरण का परीक्षण कर शीघ्र आवश्यक निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

 

फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने इसी विषय को लेकर उपजिला जनगणना अधिकारी से भी मुलाकात की और जिला स्तर पर कर्तव्य प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की मांग रखी।

 

संगठन बोला—शिक्षकों के अधिकारों के लिए जारी रहेगा प्रयास

 

प्रतिनिधिमंडल में तरुण वैष्णव, नोहर चंद्रा, विनोद साण्डे, अशोक राठिया, विनय शुक्ला, जय राठौर सहित फेडरेशन के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

फेडरेशन ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण शासकीय दायित्व का निर्वहन करने वाले शिक्षकों को उनके कार्य के अनुरूप नियमानुसार लाभ मिलना चाहिए। संगठन शिक्षकों के जायज अधिकारों और हितों के लिए आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रयास करता रहेगा।

अब शिक्षकों की निगाह प्रशासन के निर्णय पर है—

ग्रीष्मावकाश में जनगणना का दायित्व निभाने वाले शिक्षकों को कर्तव्य प्रमाण-पत्र कब तक जारी होते हैं और उन्हें अर्जित अवकाश का लाभ कब मिलता है।

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