राष्ट्रीय संयम अभियान का सुझाव: पेट्रोल-डीजल बचत और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने प्रधानमंत्री को भेजा गया ज्ञापन

कोरबा। देशहित में ईंधन बचत, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने तथा विदेशी मुद्रा संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा निवासी समाजसेवी एवं अधिवक्ता मो. रफीक मेमन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन भेजकर आगामी 6 माह के लिए “राष्ट्रीय संयम अभियान” चलाने का सुझाव दिया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और संसाधनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए भारत को केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक अनुशासन और संसाधनों के संतुलित उपयोग के माध्यम से भी मजबूत बनने की आवश्यकता है।
प्रस्तावित सुझावों में 200 रुपये से अधिक के पेट्रोल-डीजल खरीद पर डिजिटल भुगतान अनिवार्य करने, पेट्रोल पंपों पर राष्ट्रहित आधारित जागरूकता स्लोगन लगाने तथा मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में वाहनों की संख्या सीमित करने की बात कही गई है।
इसके अलावा सोना-चांदी और महंगे आभूषणों की खरीद में डिजिटल भुगतान को अनिवार्य बनाने का सुझाव भी दिया गया है।
ज्ञापन में विदेशी यात्राओं में स्वैच्छिक संयम, सरकारी योजनाओं में अपात्र हितग्राहियों की प्रभावी जांच, सोशल मीडिया पर अफवाहों और आर्थिक भ्रम फैलाने वाली सामग्रियों पर नियंत्रण तथा वैश्विक शांति और आर्थिक स्थिरता के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने की मांग भी शामिल है।
मो. रफीक मेमन ने अपने पत्र में कहा कि यदि देश के नागरिक कुछ महीनों तक संयम और जिम्मेदारी का परिचय दें, तो भारत आर्थिक और नैतिक दोनों रूपों में अधिक सक्षम बन सकता है।
उन्होंने इसे राष्ट्रहित में सामूहिक अनुशासन और व्यवहारिक परिवर्तन का जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता बताई।
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