50 करोड़ के मानहानि नोटिस से नहीं दबेगी सच की आवाज : ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क,;“खबरों से घबराया बालको वेदांता, पत्रकारिता और सच्चाई को डराने की कोशिश”

छत्तीसगढ़ की जनहित और पर्यावरणीय मुद्दों को लगातार उजागर कर रहे ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क को BALCO-वेदांता प्रबंधन की ओर से कथित रूप से 50 करोड़ रुपये का लीगल नोटिस भेजा गया है।
यह नोटिस दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता के माध्यम से भेजा गया बताया जा रहा है।
लेकिन ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क ने साफ शब्दों में कहा है कि उनकी हर खबर दस्तावेजों, सरकारी रिकॉर्ड, केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट एवं अन्य न्यायालयों में लंबित मामलों पर आधारित है।
न्यूज़ नेटवर्क का कहना है कि यह नोटिस पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर दबाव बनाने और सच की आवाज को दबाने का प्रयास है।

सुप्रीम कोर्ट में वर्षों से चल रहा है मामला
BALCO से जुड़े मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय से सुनवाई चल रही है। दस्तावेजों के अनुसार मामला
Writ Petition (Civil) No. 202/1995
I.A. Nos. 1424-1425 of 2005
*Contempt Petition (Civil) No. 388 of 2009*
T.N. Godavarman Thirumulpad Vs Union of India & Others
से संबंधित है।
दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि भूपेश बघेल द्वारा अवमानना याचिका दायर की गई थी, जिसमें BALCO प्रबंधन एवं अधिकारियों के नाम शामिल किए गए थे।
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किन अधिकारियों के नाम आए दस्तावेजों में
सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत दस्तावेजों में BALCO के तत्कालीन अधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के नाम दर्ज हैं, जिनमें:
- अनिल अग्रवाल
- गुंजन गुप्ता
- प्रमोद सूरी
- वायरल मेहता
- तत्कालीन अपर कलेक्टर कोरबा
- आदि का उल्लेख मिलता है।
CEC और Forest Survey of India की रिपोर्टों ने बढ़ाई गंभीरता
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क द्वारा प्रकाशित खबरों में जिन दस्तावेजों का हवाला दिया गया, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं :
Central Empowered Committee (CEC) Report No. 9 of 2025
जिसे 17 मार्च 2025 को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।
रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनांक 23.07.2024 के अनुपालन में दायर की गई।
Forest Survey of India (FSI) रिपोर्ट – 18 सितंबर 2018
FSI द्वारा केंद्रीय सशक्त समिति (CEC) को भेजी गई रिपोर्ट में BALCO के कब्जे वाली भूमि में कथित वृक्ष कटाई एवं गैर वानिकी गतिविधियों के संबंध में अध्ययन प्रस्तुत किया गया।
*रिपोर्ट में उपग्रह चित्रों एवं जियो-रेफरेंस डेटा के आधार पर अध्ययन का उल्लेख किया गया है।*
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884 पेड़ों की कटाई का उल्लेख
कोरबा के अपर कलेक्टर न्यायालय के दस्तावेजों में BALCO द्वारा पावर प्लांट एवं LTP निर्माण के लिए लगभग 884 पेड़ों की कटाई की अनुमति से संबंधित उल्लेख सामने आया है।
दस्तावेजों में विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों की संख्या दर्ज होने का दावा किया गया है।
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- बालको वेदांता प्रबंधन पर आरोप ये भी
- बिना अनुमति के बाउंड्री वॉल निर्माण
- जिसपर नगर निगम ने तोड़ने की कार्यवाही की दस्तावेजी प्रमाण
- खसरा नंबर 543/1 रकबा 5 एकड को कुटरचित कर 15 एकड़ कर कब्जा राखड डेम का निर्माण जिसका दस्तावेजी प्रमाण
- CSR मद का पैसा बालको वेदांता द्वारा कैंसर हॉस्पिटल रायपुर में 350 करोड़ खर्च और हर वर्ष करोड़ों रुपए खर्च करना उल्लेखित * दस्तावेजी प्रमाण
- वन भूमि पर अवैध कब्जा दस्तावेजी प्रमाण
- अवैध रूप से पेड़ों की कटाई के अनेकों आरोप बिना अनुमति निर्माण कार्य
बिना किसी भी वैध अनुमति के BCPP संयंत्र को डिस्मेंटल कर स्केप बेचा गया
करोड़ों रुपए का नगर निगम कोरबा का टैक्स बकाया
दस्तावेजी प्रमाण
वनविभाग द्वारा समय-समय पर बालको वेदांता प्रबंधन को नोटिस
दस्तावेजी प्रमाण
अमर नाथ होटल से परसाभाटा तक नगर निगम के रोड़ को बिना किसी वैध अनुमति के बंद कर रोड़ डायवर्ट किया गया वो भी वन भूमि के जमीन पर
दस्तावेजी प्रमाण
ऐसे बहुत से आरोप और मामले आज भी लंबित है
2025 में पर्यावरण संरक्षण मंडल तक पहुंची शिकायत
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, नया रायपुर द्वारा जारी पत्र में BALCO एवं ठेका कंपनी पर सड़क बंद करने, बाउंड्रीवाल निर्माण और बड़े पेड़ों की कटाई से संबंधित शिकायतों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में कहा गया कि मामले की तथ्यात्मक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
“ना डरे हैं, ना डरेंगे”
*ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क ने कहा:*
> “हमारी हर खबर दस्तावेजों, न्यायालयीन रिकॉर्ड और सरकारी रिपोर्टों पर आधारित है।
जनता की आवाज उठाना अपराध नहीं है।
हम सच और जनहित की पत्रकारिता करते रहेंगे।
ना डरे हैं, ना डरेंगे।”
पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर बड़ा सवाल
50 करोड़ रुपये जैसे भारी-भरकम मानहानि नोटिस को लेकर अब पत्रकारिता जगत में भी चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या बड़े कॉर्पोरेट संस्थानों द्वारा कानूनी दबाव बनाकर स्वतंत्र मीडिया और जनसरोकार की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है?
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क का कहना है कि यदि खबरें तथ्यहीन होतीं, तो सुप्रीम कोर्ट, CEC, FSI, पर्यावरण विभाग और प्रशासनिक रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज सामने नहीं होते।
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सच्चाई की लड़ाई जारी रहेगी
जनहित, पर्यावरण और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क ने स्पष्ट किया है कि वह आगे भी दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर खबरें प्रकाशित करता रहेगा। और सच को जनता के सामने लाते रहेंगे
पत्रकारिता की गरीमा बरकरार रहेगी
पुंजी पति या किसी भी कॉरपोरेट के दबाव में जनहित के मुद्दे को उठाने से नहीं डरेंगे
“सच को दबाया नहीं जा सकता।,”
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