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राष्ट्रीय स्तर पर गूंजा ‘SPL’ का मुद्दा

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लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया जहरीले औद्योगिक अपशिष्ट का मामला, वर्षों से उठाए जा रहे सवालों को मिली नई राष्ट्रीय आवाज

 

 

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ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क की दस्तावेज़-आधारित पड़ताल के बाद संसद तक पहुँची बहस, केंद्र सरकार ने कहा—कोयले में Spent Pot Lining (SPL) की मिलावट पूरी तरह गैर-कानूनी, उल्लंघन पर संयंत्र बंद करने से लेकर अभियोजन तक का प्रावधान

 

नई दिल्ली/कोरबा ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्युज नेटवर्क

देश की संसद में सोमवार को वह मुद्दा गूंजा, जिसे ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क पिछले लंबे समय से दस्तावेज़ों, आरटीआई, न्यायालयीन अभिलेखों और सरकारी पत्राचार के आधार पर लगातार उठाता रहा है। लोकसभा में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एल्युमिनियम उद्योगों से निकलने वाले अत्यंत विषैले अपशिष्ट स्पेंट पॉट लाइनिंग (SPL) के अवैध निपटान और वाणिज्यिक कोयले में कथित मिलावट के मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

 

केंद्र सरकार ने अपने आधिकारिक उत्तर में स्पष्ट किया कि SPL एक खतरनाक अपशिष्ट है

 

और इसे वाणिज्यिक कोयले में मिलाकर बेचना या अनधिकृत तरीके से उपयोग करना नियमों के विपरीत है। सरकार ने यह भी बताया कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति, संयंत्र बंद करने तथा अभियोजन जैसी कार्रवाई का प्रावधान है।

क्या अब होगी व्यापक जांच?

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क द्वारा पिछले कई महीनों से औद्योगिक पर्यावरण, खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन, नियामकीय अनुपालन और जनस्वास्थ्य से जुड़े अनेक प्रश्न विभिन्न दस्तावेज़ों के आधार पर प्रकाशित किए जाते रहे हैं। इन रिपोर्टों की प्रतियां संबंधित विभागों, जनप्रतिनिधियों और सक्षम प्राधिकारियों को भी भेजी गई थीं।

 

लोकसभा में इस विषय पर हुई चर्चा से यह संकेत मिलता है कि यह मुद्दा अब स्थानीय दायरे से निकलकर राष्ट्रीय नीति और पर्यावरणीय जवाबदेही के केंद्र में आ गया है।

 

छत्तीसगढ़ पर विशेष नजर बालको वेदांता

देश के प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादक राज्यों में शामिल छत्तीसगढ़ में संचालित बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों के संदर्भ में अब यह अपेक्षा बढ़ गई है कि संबंधित नियामक संस्थाएं खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुपालन की प्रभावी समीक्षा करें और जहां आवश्यक हो वहां विधिसम्मत जांच सुनिश्चित करें।

 

ग्राम यात्रा की दस्तावेज़ आधारित मुहिम के बाद राष्ट्रीय स्तर पर गूंजा SPL का मुद्दा

 

लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया जहरीले औद्योगिक अपशिष्ट का प्रश्न; केंद्र सरकार ने माना—SPL को कोयले में मिलाना गैर-कानूनी, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान

जनहित की पत्रकारिता की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

 

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क का उद्देश्य किसी संस्था को दोषी घोषित करना नहीं, बल्कि दस्तावेज़ों के आधार पर जनहित के मुद्दों को सामने लाना और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करना रहा है। संसद में इस विषय पर हुई चर्चा यह दर्शाती है कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़े प्रश्न अब राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन रहे हैं।

अब सबकी नजर आगे की कार्रवाई पर

 

क्या संबंधित नियामक एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों और शिकायतों के आधार पर व्यापक समीक्षा या जांच करेंगी? क्या खतरनाक औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था का स्वतंत्र ऑडिट होगा? इन सवालों के जवाब आने वाले समय में महत्वपूर्ण होंगे।

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