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बारिश के बीच जनता के बीच: जलभराव वाले इलाकों में खुद उतरीं कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत

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संकट की घड़ी में जमीनी निरीक्षण, अधिकारियों को दिए तत्काल राहत और जल निकासी के कड़े निर्देश.
लगातार वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा, कहा— नागरिकों की सुरक्षा और राहत सर्वोच्च प्राथमिकता

 

कोरबा। लगातार हो रही वर्षा के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनने के बाद कोरबा नगर निगम की महापौर  संजू देवी राजपूत स्वयं मैदान में उतरीं और बालको तथा दर्री क्षेत्र सहित विभिन्न प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। बारिश के बीच मौके पर पहुंचकर उन्होंने जलभराव की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया तथा अधिकारियों को तत्काल राहत एवं जल निकासी कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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निरीक्षण के दौरान महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से चर्चा कर जलभराव के कारण उत्पन्न समस्याओं की जानकारी ली। कई स्थानों पर सड़कें और खाली भूखंड पानी से भर गए थे, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी।

 

महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां कहीं भी जल निकासी बाधित है, वहां तत्काल आवश्यक संसाधन लगाकर पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए।

 

उन्होंने कहा कि नगर निगम का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों को राहत पहुंचाना और बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या असुविधा को रोकना है।

 

मैदान से लिया वास्तविक फीडबैक

 

निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा। महापौर ने विभिन्न स्थलों पर रुककर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से मौके पर ही समाधान की कार्ययोजना मांगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए तथा आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

बारिश के मौसम में सक्रिय प्रशासन की परीक्षा

मानसून के दौरान शहरी निकायों की सबसे बड़ी चुनौती जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना होती है। ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों का जमीनी स्तर पर पहुंचकर निरीक्षण करना केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि व्यवस्था की वास्तविक स्थिति समझने का महत्वपूर्ण माध्यम भी माना जाता है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन होता है, तो जलभराव जैसी समस्याओं का प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकता है।

 

मुख्य बिंदु

लगातार वर्षा के बीच महापौर ने किया स्थलीय निरीक्षण।

बालको एवं दर्री क्षेत्र के जलभराव वाले इलाकों का लिया जायजा।

अधिकारियों को तत्काल जल निकासी और राहत कार्य तेज करने के निर्देश।

स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर समस्याओं की जानकारी ली।

संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश।

जनहित सर्वोपरि

 

बारिश के दौरान जलभराव केवल एक मौसमी समस्या नहीं, बल्कि शहरी अधोसंरचना, जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की वास्तविक परीक्षा भी है। ऐसे समय में त्वरित निरीक्षण और समयबद्ध कार्रवाई नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

 

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क इस विषय पर आगे भी निगरानी रखेगा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना पालन हुआ और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए।

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