राज्य समाचार

शराब पीकर गाड़ी चलाने पर लाइसेंस होगा निरस्त

ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने पर कटेगा चालान

 

गरियाबंद । कलेक्टर बी.एस. उईके एवं पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर ने जिले में सड़क सुरक्षा एवं नशा नियंत्रण को लेकर जिला कार्यालय के सभाकक्ष में विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होने यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने, दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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कलेक्टर उईके ने कहा कि जिले की सीमा उड़ीसा राज्य से लगी होने के कारण अवैध मादक पदार्थों की आवाजाही की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए विशेष चेक पोस्ट के माध्यम से सतत निगरानी रखने तथा गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश भी दिए।

 

बैठक में शहरों एवं नगरीय निकायों में सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई। कलेक्टर ने ऐसे स्थानों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से पशुओं को सड़कों से हटाने एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

 

 

अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया।

 

कलेक्टर ने नशा संबंधित अवैध गतिविधियों पर सख्ती बरतते हुए परिवहन विभाग को मादक पदार्थों के परिवहन एवं आपूर्ति पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दवाई दुकानों में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाने एवं उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में बताया गया कि योग, मेडिटेशन एवं मोटिवेशन के माध्यम से लोगों को नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

 

साथ ही बच्चों के आवासीय विद्यालयों एवं आश्रमों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने हेतु ड्रग कंट्रोलर को नियमित जांच करने तथा आदिवासी विभाग के अधिकारियों के साथ समय-समय पर संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

 

कलेक्टर ने एनकार्ड  की बैठक में जिले को नशामुक्त बनाने के लिए आवश्यक रणनीति पर चर्चा की और स्वापक तथा मनरू प्रभावी पदार्थों के नियंत्रण के लिए प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने नशा मुक्ति केंद्रों में संचालित गतिविधियों एवं भर्ती व्यक्तियों की जानकारी भी ली तथा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए । इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक डीपी ठाकुर, जिला परिवहन अधिकारी रविंद्र ठाकुर, पीडब्लूडी के कार्यपालन अभियंता रामेश्वर सिंह सहित नशा मुक्त केंद्र के कर्मचारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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