August 30, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
कोरबा में 52 हाथियों का झुंड खेतों में घुसा,50 किसानों की फसल को नुकसानकोरबा डायल-112 चालकों की मांग, नियमित वेतन और सुविधाएंमुख्यमंत्री साय का स्वागत करने जवाहर नगर मंडल के पदाधिकारी बस से रवानाबस्तर में भारी भूस्खलन: सरगीगुड़ा पहाड़ समतल; जनहानि नहींमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये..नारायणपुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: सुरक्षा बलों ने बरामद किए 300 से अधिक हथियार और विस्फोटक सामग्रीलोक सेवा आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को किया खारिजकेशकाल वनमंडल के जंगल से अवैध परिवहन करते सागौन की लकड़ी जब्तमहापौर के मार्गदर्शन में निगम कराएगा 03 दिवसीय रामलीला मेला व दशहरा उत्सव का आयोजननो हेलमेट नो पेट्रोल : पेट्रोल पंप एसोसिएशन 1 सितम्बर से शुरू करेगा अभियान
छत्तीसगढ़

उद्योगों की बिजली महंगी करना सरकार का मूर्खतापूर्ण निर्णय : भूपेश

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

रायपुर । पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में लोहा उद्योग बंद करने के व्यापारी के निर्णय को दुर्भाग्यजनक बताते हुए कहा है कि लोहा उद्योग छत्तीसगढ़ की रीढ़ है और उनकी बिजली महंगी करना विष्णुदेव सरकार का मूर्खतापूर्ण निर्णय है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उद्योगपतियों को गलतफहमी हो गई है, तो वे बिजली का बिल देख लें और समझ जाएंगे कि दरअसल गलतफहमी सरकार को हुई है।

छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन और छत्तीसगढ़ स्पॉन्ज आयरन मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडलों से मिलने के बाद बघेल ने कहा कि सरकार झूठ बोल रही है कि बिजली के दरों में सिर्फ 25 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि ‘लोड फैक्टर इंसेन्टिव’ सहित कुछ अन्य छूट बंद करने से उद्योगों को प्रति यूनिट 6.10 रुपए की बिजली 7.62 पैसे प्रति यूनिट की पड़ रही है। छत्तीसगढ़ के निर्माण के बाद से पहली बार उद्योगपति तालाबंदी जैसा बड़ा निर्णय लेने को बाध्य हुए हैं, तो इसकी वजह तो होगी ही, गलतफहमी में इतना बड़ा निर्णय नहीं लिया जाता।

बघेल ने बताया कि उड़ीसा के बाद छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक राज्य है, जबकि तीसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल आता है। उन्होंने कहा, “मुझे जानकारी मिली है कि ओडीशा में उद्योगों को बिजली 5 रुपए और पश्चिम बंगाल में 4.91 रुपए की दर से मिल रही है, यहां तक कि जिंदल पार्क में बिजली 5 रुपए की दर से मिल रही है। तो फिर छत्तीसगढ़ सरकार क्यों इसी दर पर बिजली नहीं देती?” बघेल ने कहा कि यदि इतनी महंगी बिजली मिलेगी तो छत्तीसगढ़ के उद्योग प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे और इससे राज्य और केंद्र सरकार को ही नुकसान होगा।

रोजगार और राजस्व पर असर
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर सरकार ने नौकरियों में भर्ती रोक रखी है, दूसरी ओर वह कम से कम दो लाख लोगों का रोजगार छीन रही है। अप्रत्यक्ष रूप से इससे दो लाख से बहुत अधिक संख्या में लोगों का रोजगार प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि इससे राज्य को राजस्व का भी भारी नुकसान होगा। आज ही बिजली की खपत में छह सौ मेगावाट की कमी आ गई है और आने वाले दिनों में यह कमी एक हजार मेगावाट तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि उद्योगपति दावा कर रहे हैं कि वे सरकार को 20 हजार करोड़ का राजस्व देते हैं, तो अब सरकार को सोचना है कि वह इसकी क्षतिपूर्ति कैसे करेगी।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close