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गेवरा में काम रुकने की खबर, SECL नेतृत्व से सवाल: उत्पादन की समीक्षा के साथ भू-विस्थापितों की सुनवाई कब?

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अजय जायसवाल ने CMD के दौरे को बताया ‘दिखावा’, श्रमिकों के शोषण का आरोप; GM/CGM, निदेशक कार्मिक और CMD से समाधान की स्पष्ट कार्ययोजना की मांग

 

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कोरबा/गेवरा। ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क   एसईसीएल की गेवरा परियोजना में भू-विस्थापितों और श्रमिकों की समस्याओं को लेकर प्रबंधन की जवाबदेही फिर सवालों के घेरे में है। साझा समाचार के अनुसार, अजय जायसवाल के नेतृत्व में भू-विस्थापितों ने काम रोककर विरोध जताया। इसी संदर्भ में जायसवाल ने CMD के दौरे को “महज दिखावा” बताते हुए खदान में श्रमिकों का शोषण जारी रहने का आरोप लगाया है।

यह आरोप SECL के क्षेत्रीय प्रबंधन से लेकर मुख्यालय तक एक सीधा सवाल उठाता है—प्रभावित परिवारों की शिकायतें आंदोलन तक पहुंचने से पहले क्यों नहीं सुलझतीं?

 

कामबंदी का वास्तविक दायरा, अवधि और उत्पादन पर प्रभाव आधिकारिक विवरण से स्पष्ट होना बाकी है। लेकिन सामने आए विरोध पर संबंधित पक्षों की सुनवाई और मांगवार जवाब आवश्यक है।

GM/CGM बताएं—किस शिकायत पर क्या निर्णय हुआ?

गेवरा के क्षेत्रीय प्रबंधन से अपेक्षा है कि वह आंदोलनकारियों की मांगों, पूर्व बैठकों और लिए गए निर्णयों की स्थिति स्पष्ट करे।  कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? कौन-सी मांग स्वीकार की गई? किस प्रकरण में दस्तावेज अधूरे हैं और उनकी जानकारी संबंधित परिवार को कब दी गई? कौन-सा निर्णय क्षेत्रीय स्तर पर संभव है और कौन-सा मुख्यालय में लंबित है?   जिन परिवारों की जमीन और आजीविका परियोजना से प्रभावित होती है, उनके लिए कार्यालयों के चक्कर जीवन की वास्तविक कठिनाई हैं। उन्हें अपनी पात्रता और प्रकरण की स्थिति का स्पष्ट लिखित उत्तर मिलना चाहिए।  यदि कोई मांग नियमों के अंतर्गत स्वीकार्य नहीं है, तो कारण बताया जाए। पात्र प्रकरण लंबित है, तो जिम्मेदार अधिकारी और निर्णय की समयसीमा तय हो।

निदेशक कार्मिक से सवाल—श्रमिकों की शिकायतों का परीक्षण कौन करेगा?

 

अजय जायसवाल के श्रमिक शोषण संबंधी आरोप की स्वतंत्र तथ्यात्मक जांच जरूरी है। संबंधित श्रमिकों के बयान, शिकायतें और लागू रोजगार शर्तों का परीक्षण करके स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आरोपों का आधार क्या है।   वेतन, उपस्थिति, कार्यस्थितियों या अन्य सेवा संबंधी किसी शिकायत के सामने आने पर संबंधित रिकॉर्ड का मिलान हो। ठेका कंपनी से जुड़ा विषय हो तो उसकी जिम्मेदारी और SECL की निगरानी व्यवस्था भी स्पष्ट की जाए।  शिकायत गलत मिले तो तथ्य सामने रखे जाएं; उल्लंघन मिले तो सुधार और कार्रवाई का परिणाम श्रमिक तक पहुंचे।

CMD के दौरे का मूल्यांकन समाधान से भी हो

CMD का निरीक्षण परियोजना की समस्याओं को शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का अवसर है। उत्पादन, मशीनों और कार्यप्रगति की समीक्षा के साथ प्रभावित परिवारों तथा श्रमिकों की शिकायतों को भी स्पष्ट स्थान मिलना चाहिए।  जायसवाल ने दौरे पर सवाल उठाया है। इस आलोचना का ठोस उत्तर होगा—किन प्रतिनिधियों से संवाद हुआ, कौन-सी समस्याएं संज्ञान में आईं और उनके समाधान के लिए क्या निर्देश दिए गए?  दौरे के बाद लंबित प्रकरणों में प्रगति दिखाई दे, तभी प्रभावित परिवारों के बीच भरोसा मजबूत होगा।

भू-विस्थापितों को निर्णय चाहिए, प्रबंधन को स्थायी संवाद

 

औद्योगिक गतिरोध का असर कामगारों, स्थानीय परिवारों और परियोजना की गतिविधियों पर पड़ता है। इसलिए प्रबंधन, आंदोलनकारी प्रतिनिधियों और आवश्यकतानुसार प्रशासन की मौजूदगी में मांगवार वार्ता होनी चाहिए।  वार्ता की लिखित कार्यवाही में स्वीकार्य मांगें, विवादित बिंदु, आवश्यक दस्तावेज, जिम्मेदार अधिकारी और अगली समीक्षा की तारीख दर्ज हो। इससे दोनों पक्षों को निर्णय और प्रगति का स्पष्ट आधार मिलेगा।

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क की मांग है कि:

 

– आंदोलनकारियों का विस्तृत मांगपत्र और प्रबंधन का बिंदुवार जवाब सामने आए।
– पात्रता तथा लंबित प्रकरणों पर कारणयुक्त निर्णय दिए जाएं।
– श्रमिक शोषण के आरोपों की संबंधित रिकॉर्ड और बयानों से जांच हो।
– समाधान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और समयसीमा की घोषणा की जाए।
– संवाद शांतिपूर्ण रहे और कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

 

गेवरा के GM/CGM, निदेशक कार्मिक और CMD की जवाबदेही अपने-अपने स्तर पर स्पष्ट होनी चाहिए। क्षेत्रीय कार्यालय से मुख्यालय तक किसी प्रकरण के घूमते रहने का बोझ प्रभावित परिवार पर नहीं पड़ना चाहिए।

सवाल सीधा है—उत्पादन के लक्ष्य की तरह भू-विस्थापितों और श्रमिकों की समस्याओं के समाधान का भी लक्ष्य और समयसीमा कब तय होगी?

यह समाचार साझा शीर्षक एवं उसमें उद्धृत आरोपों पर आधारित है। अजय जायसवाल के आरोपों पर SECL प्रबंधन का विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं है। कामबंदी के दायरे, अवधि, मांगपत्र और प्रबंधन की प्रतिक्रिया मिलने पर रिपोर्ट अद्यतन की जानी चाहिए।

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