राज्य समाचार

कोरबा निगम में शिकायतों का टकराव: ठेकेदारों के आरोपों पर EE रुचि साहू का जवाब, अब रिकॉर्ड से खुलेगा सच

Spread the love

 

भुगतान और दुर्व्यवहार की पूर्व शिकायत के बीच कार्यपालन अभियंता पहुंचीं आंतरिक शिकायत समिति; आयुक्त बताएं—पहली शिकायत की जांच कहां तक पहुंची?

 

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

 

कोरबा।   ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क। नगर पालिक निगम कोरबा में ठेकेदारों और कार्यपालन अभियंता रुचि साहू के बीच विवाद अब दोतरफा शिकायतों तक पहुंच गया है। पहले ठेकेदार एसोसिएशन ने दुर्व्यवहार और भुगतान संबंधी फाइलें लंबित रखने के आरोप लगाए थे। अब साहू ने आरोपों को नकारते हुए ठेकेदार के व्यवहार और अपने विरुद्ध प्रसारित सामग्री की शिकायत आंतरिक शिकायत समिति से की है। दोनों पक्ष जांच चाहते हैं; प्रशासन के सामने चुनौती दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर जवाबदेही तय करने की है।

पहले उठे थे व्यवहार और भुगतान पर सवाल

 

9 अक्टूबर को प्रकाशित खबरों के अनुसार, नगर निगम कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष असलम खान की ओर से भेजी गई शिकायत में रुचि साहू पर अमर्यादित व्यवहार और निर्माण कार्यों के भुगतान की फाइलें अनावश्यक रूप से लंबित रखने के आरोप लगाए गए थे। एसोसिएशन ने निष्पक्ष जांच तथा समयबद्ध भुगतान की मांग की थी और निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। ये आरोप उस समय भी जांच से प्रमाणित नहीं थे।

इसी विवाद पर प्रकाशित एक अन्य रिपोर्ट में आयुक्त आशुतोष पाण्डेय का कथन था कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और शिकायत सही मिलने पर कार्रवाई होगी। अब सवाल है कि उस जांच में कौन-से रिकॉर्ड देखे गए और क्या निष्कर्ष निकला?

रुचि साहू ने क्या कहा?

सत्य संवाद की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, साहू ने फाइल रोकने और पैसे मांगने के आरोपों को असत्य बताया है। उन्होंने शिकायत में 7 अक्टूबर की शाम कार्यालय समय के बाद ठेकेदार के कक्ष में आने, आपत्ति के बावजूद नहीं जाने और व्यवहार से असहजता तथा असुरक्षा महसूस होने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर फोटो और सामग्री प्रसारित कर प्रतिष्ठा प्रभावित करने की शिकायत भी की गई है। इन आरोपों का स्वतंत्र सत्यापन शेष है।

फाइल संबंधी पक्ष में साहू ने ₹34,176 की पीजी राशि का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, 28 सितंबर को प्राप्त फाइल उसी दिन प्रतिवेदन के लिए सहायक अभियंता और उप अभियंता को भेज दी गई थी; उप अभियंता ने 30 सितंबर को प्रतिवेदन आगे भेजा। यह विवरण उनकी शिकायत का पक्ष है, सत्यापित जांच निष्कर्ष नहीं।

एक फाइल का विवरण—पूरी शिकायत का उत्तर कितना?

 

यहां जांच का महत्वपूर्ण बिंदु सामने आता है। एसोसिएशन की पूर्व शिकायत में पूर्ण और प्रगतिरत कार्यों की भुगतान फाइलों का व्यापक उल्लेख था। नई रिपोर्ट में अधिकारी ने एक विशिष्ट पीजी प्रकरण का विवरण दिया है।  इसलिए जांच में स्पष्ट होना चाहिए कि क्या विवाद केवल इसी फाइल का है, अथवा अन्य प्रकरण भी शामिल हैं। प्रत्येक संबंधित फाइल की प्राप्ति, आपत्ति, अग्रेषण और निस्तारण की तारीख का मिलान ही वास्तविक स्थिति बताएगा।

आयुक्त की जवाबदेही: जांच का भरोसा दिया था, अब प्रगति बताएं

निगम प्रशासन को भुगतान संबंधी आरोपों की जांच में फाइल रजिस्टर, नोटशीट, माप पुस्तिका, तकनीकी आपत्तियां और उपलब्ध बजट देखना चाहिए। अधिकारी की शिकायत में वर्णित घटना के लिए उपलब्ध सीसीटीवी, प्रवेश रिकॉर्ड, गवाहों तथा डिजिटल सामग्री का परीक्षण आवश्यक है। संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी मिले।

किसी एक शिकायत के आने से दूसरी शिकायत का निस्तारण स्वतः नहीं होता। महिला अधिकारी के सम्मान और सुरक्षित कार्यस्थल का प्रश्न गंभीर है; ठेकेदारों की भुगतान संबंधी शिकायत का दस्तावेजी परीक्षण भी जरूरी है।  ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क का सवाल स्पष्ट है—जब दोनों पक्ष निष्पक्ष जांच मांग रहे हैं, तो निगम प्रशासन जांच की प्रक्रिया और जवाबदेही कब स्पष्ट करेगा? आरोपों का शोर बहुत हो चुका; अब रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय सामने आना चाहिए।

यह रिपोर्ट उपलब्ध प्रकाशित समाचारों की तुलना पर आधारित है। मूल शिकायतें, संपूर्ण फाइल रिकॉर्ड और जांच निष्कर्ष उपलब्ध नहीं हैं। किसी पक्ष के आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना गया है।

संपादक – अब्दुल सुल्तान
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button