मानवता को मिली रफ्तार: रेडक्रॉस को मिली ब्लड डोनेशन वैन

अब गांव-गांव पहुंचेगा रक्तदान अभियान, जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम कलेक्टर एवं रेडक्रॉस अध्यक्ष के प्रति प्रबंध समिति ने जताया आभार; सिल्वर जुबली वर्ष पर कोरबा को मिली जनसेवा की महत्वपूर्ण सौगात
कोरबा | ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क रक्त की एक बूंद किसी बुझती जिंदगी को दोबारा रोशन कर सकती है। इसी मानवीय संकल्प को नई गति देते हुए भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा कोरबा को अत्याधुनिक ब्लड डोनेशन वैन की महत्वपूर्ण सौगात मिली है। यह वाहन केवल एक मोबाइल वैन नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीजों तक जीवन की उम्मीद पहुंचाने वाला चलता-फिरता रक्तदान केंद्र साबित होगा।
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सिल्वर जुबली वर्ष के अवसर पर ब्लड डोनेशन वैन के आगमन पर जिला प्रबंध समिति ने कलेक्टर एवं रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि इस पहल से कोरबा जिले में स्वैच्छिक रक्तदान अभियान को मजबूती मिलेगी और विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक रक्त संग्रहण की सुविधा पहुंच सकेगी।
ब्लड डोनेशन वैन के आगमन के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस प्रबंध समिति के चेयरमैन रामसिंह अग्रवाल, वाइस चेयरमैन राजेन्द्र प्रसाद तिवारी, कोषाध्यक्ष राजेश बगड़िया, सदस्य रोहित कश्यप, संतोष सिंह, रेशम, डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार और श्यामलाल जायसवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान सभी सदस्यों को मिठाई वितरित कर इस जनहितकारी उपलब्धि की खुशी साझा की गई।
अस्पताल आने में असमर्थ लोगों तक पहुंचेगी सुविधा
कोरबा का बड़ा भूभाग ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में फैला हुआ है। ऐसे में अनेक इच्छुक रक्तदाता केवल परिवहन और संसाधनों की कमी के कारण रक्तदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाते। यह मोबाइल ब्लड डोनेशन वैन अब विभिन्न क्षेत्रों, संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, महाविद्यालयों और ग्रामीण अंचलों में शिविर आयोजित कर सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रहण में सहायक बनेगी। इस सुविधा से दुर्घटना पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों, गंभीर रोगियों और आपातकालीन उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलने की उम्मीद है।
जनभागीदारी से सफल होगा जीवन बचाने का अभियान
रेडक्रॉस समिति ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में इस वैन का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान शिविर आयोजित करने और ब्लड कलेक्शन बढ़ाने के लिए किया जाएगा। हालांकि इस अभियान की वास्तविक सफलता तभी संभव होगी, जब समाज के स्वस्थ और पात्र नागरिक स्वेच्छा से आगे आकर रक्तदान करेंगे।
यह पहल उस विचार को साकार करती दिखाई दे रही है कि—
रक्त किसी कारखाने में नहीं बनता; इसे केवल एक इंसान ही दूसरे इंसान को दे सकता है। ब्लड डोनेशन वैन के रूप में कोरबा को मिली यह सुविधा प्रशासन, रेडक्रॉस और समाज की संयुक्त भागीदारी का सार्थक उदाहरण है। यदि इसका नियमित, पारदर्शी और योजनाबद्ध उपयोग किया गया, तो यह वाहन जिले के असंख्य जरूरतमंद मरीजों के लिए सचमुच “चलती-फिरती जीवनरेखा” बन सकता है।
मानव सेवा ही माधव सेवा—अब रक्तदान का संदेश शहर की सीमाओं से निकलकर गांव-गांव तक पहुंचेगा।
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