संकट मोचन हनुमान मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया हरितालिका तीज उत्सव

सुहागिन महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, शिव-पार्वती की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की
कोरबा। पंडित रविशंकर शुक्ल नगर स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में हरितालिका तीज उत्सव श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर भगवान शिव और माता पार्वती के जयकारों तथा भजन-कीर्तन से भक्तिमय हो उठा।
अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और पति की दीर्घायु की कामना को लेकर मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर व्रती महिलाओं ने बालू और मिट्टी से भगवान शिव एवं माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित की और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
सायंकाल महिलाएं नवीन वस्त्र धारण कर सोलह श्रृंगार के साथ मंदिर प्रांगण में एकत्र हुईं। पंडित कांति कुमार दुबे ने महिलाओं को हरितालिका तीज व्रत की पौराणिक कथा सुनाई तथा विधिपूर्वक पूजा संपन्न कराई। महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती से अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की।
पूजा के बाद मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालु महिलाओं ने भक्तिगीतों के माध्यम से भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। प्रातःकाल प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन किया गया। इसके बाद व्रती महिलाओं ने पारण कर कठिन निर्जला व्रत का समापन किया।
हरितालिका तीज का पर्व धार्मिक आस्था का प्रतीक होने के साथ ही भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के अटूट प्रेम, समर्पण और पारिवारिक संबंधों की प्रगाढ़ता का अनुपम उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
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