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नगर निगम कोरबा के खजाने में आखिर किसने डाला ‘डाका’?

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CAG ने पकड़ा था ₹7.88 करोड़ का Excess Payment—अब खुलें FD/FDR, Pre-Audit और Vendor Payment की फाइलें!

 

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1.54 करोड़ के अनुचित वित्तीय लाभ और ₹75.77 लाख कम वसूली जैसे ऑडिट सवाल भी सामने—क्या पुराने वित्तीय घावों के बाद भी तिजोरी की निगरानी में रह गईं कमजोर कड़ियां?

 

वाहन से सफाई, जल से गार्डन और GeM तक—अब ठेके नहीं, PAYMENT TRAIL बताएगी किसके हिस्से कितना पैसा गया

 

कोरबा | ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क नगर निगम कोरबा की तिजोरी को लेकर अब सवाल यह नहीं कि कितना पैसा आया और कितना खर्च हुआ।

सवाल इससे कहीं बड़ा है—

जनता के करोड़ों रुपये के खजाने की चौकीदारी आखिर किसके हाथ में थी?
किसने नोटशीट चलाई?
किसने बिल सत्यापित किया?
किसने Pre-Audit किया?
किसने भुगतान मंजूर किया?

और यदि कहीं गलत अथवा अधिक भुगतान हुआ तो—

जिम्मेदार कौन था?

नगर निगम कोरबा से जुड़े पुराने CAG निष्कर्षों में करीब ₹7.88 करोड़ के Excess Payment का मामला सामने आ चुका है। अन्य audit observations में कॉलोनाइजर से संबंधित ₹1.54 करोड़ के अनुचित वित्तीय लाभ और करीब ₹75.77 लाख कम वसूली जैसे मुद्दे भी रिपोर्ट हुए। यही कारण है कि हाल के वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच अब और महत्वपूर्ण हो जाती है।

लेकिन ग्राम यात्रा यहां एक बात बिल्कुल स्पष्ट करता है—

यह खबर किसी अधिकारी अथवा ठेकेदार को बिना प्रमाण “खजाना लूटने वाला” घोषित नहीं करती। सवाल दस्तावेजों से उठ रहे हैं और जवाब भी दस्तावेजों से ही मांगा जा रहा है। Pre-Audit हुआ तो आपत्तियों की फाइल कहां है?  नगर निगम ने Chartered Accountant Firm के माध्यम से Internal/Pre-Audit की व्यवस्था के लिए RFP जारी किया था।

तो सबसे सीधा सवाल है—

2023-24 से 2025-26 के बीच किन-किन भुगतानों पर Audit Objection लगी?

कितने bills रोके गए?

कितने bills दस्तावेज पूरे होने के बाद पास हुए?

कितनी आपत्तियों पर recovery हुई?

और—

क्या Audit की आपत्ति के बावजूद किसी Vendor को भुगतान हुआ?

यदि नहीं हुआ तो रिकॉर्ड सामने आने दीजिए।

और यदि हुआ— तो किसके आदेश से?

 

FD/FDR खुली तो खजाने की पूरी कहानी खुलेगी! अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज FDR Register है।

वर्षों में निगम ने कितनी FD/FDR बनाई?
कितनी mature हुई?
कितनी समय से पहले तोड़ी गई?
किसने FD तोड़ने का प्रस्ताव बनाया?
किस अधिकारी ने मंजूरी दी?
राशि किस बैंक खाते में पहुंची?
और उसके बाद उस खाते से— किन-किन ठेकेदारों और Vendors को भुगतान हुआ?

FD तोड़ना अपने आप में भ्रष्टाचार नहीं है। लेकिन FD Closure Order से Vendor Payment तक पूरी Transaction Trail जनता के सामने होनी चाहिए। वाहन शाखा—किराया अलग, डीजल अलग, मरम्मत अलग तो हिसाब भी अलग-अलग खुले

 

अब वाहन नंबरवार हिसाब निकलना चाहिए—

किराया कितना?
डीजल कितना?
Driver पर कितना?
Repair कितना?
Tyre पर कितना?

और सबसे जरूरी—। अनुबंध में जो खर्च contractor को उठाना था, कहीं उसका भुगतान निगम ने तो नहीं किया?  यदि सारे खर्च contract के मुताबिक हैं तो रिकॉर्ड निगम को क्लीन चिट देगा।

यदि overlap निकला—। तो रकम भी सामने आएगी और जिम्मेदारी की कड़ी भी। सफाई में कागजी कर्मचारी तो नहीं? Manpower और mechanized sweeping में केवल contractor का monthly bill पर्याप्त नहीं है।

मिलान होना चाहिए— Bill × Attendance × PF × ESI × वास्तविक Deployment × GPS/Route

तभी पता चलेगा कि जितने कर्मचारियों/मशीनों का पैसा निकला, उतनी सेवा वास्तव में निगम को मिली भी या नहीं।GeM का ‘गेम’ या सब कुछ नियम से? सूत्र सीमित ठेकेदार समूह को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।  ग्राम यात्रा फिलहाल इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।  इसीलिए अब जांच आरोप से नहीं, सरकारी डेटा से होगी।

पिछले पांच वर्षों के GeM records में निकाला जाए—

कौन-कौन bidder आया?
कौन technical में बाहर हुआ?
क्यों बाहर हुआ?
कौन L1 हुआ?
ठेका किसे मिला?
कितने रुपये का मिला?

फिर देखा जाए—। क्या करोड़ों के ठेकों में घूम-फिरकर वही चुनिंदा नाम सामने आते रहे?

यदि नहीं, तो आरोप वहीं समाप्त।

यदि हां—। तो फिर Vendor Network की अगली परत खुलेगी।

अब कुर्सी नहीं—दस्तखत बताएंगे जिम्मेदारी। इस जांच में किसी अधिकारी का पद बड़ा या छोटा होना महत्वपूर्ण नहीं होगा।

महत्वपूर्ण होगा—

किसने Note-sheet लिखी?
किसने Measurement/Service प्रमाणित किया?
किसने Pre-Audit Clearance दिया?
किसने Payment Order पर हस्ताक्षर किए?
और पैसा किस Vendor के खाते में गया?

“निगम के खजाने में किसने डाला डाका?”

इस सवाल का जवाब आरोप नहीं देगा।

FD/FDR Register देगा।

Bank Statement देगा।

Pre-Audit Objection देगा।

Vendor Ledger देगा।

और आखिर में Transaction Trail देगा।

अब एक-एक रुपये का हिसाब सामने आना चाहिए!

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क की दस्तावेजी पड़ताल जारी रहेगी—वाहन, सफाई, जल, GeM, Garden से लेकर FD/FDR तक।  अगली कड़ी: “किस Vendor के खाते में गए कितने करोड़?”

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क | कोरबा

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