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छत्तीसगढ़ ने भारत के महत्वपूर्ण खनिज पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका को किया सुदृढ़

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खनिज विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता पर दिया जोर
केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने उद्योग की अधिक भागीदारी का किया आह्वान
छत्तीसगढ़ के पांच खनिज ब्लॉक महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की 8वीं श्रृंखला में शामिल

 

रायपुर।  खान मंत्रालय ने आज रायपुर, छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की 8वीं श्रृंखला पर रोड शो का आयोजन किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में तथा कोयला एवं खान मंत्रालय के राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे उपस्थित रहे। इस अवसर पर आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह के साथ ही वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और अन्य हितधारक भी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के समृद्ध खनिज संसाधनों तथा भारत के खनन एवं औद्योगिक विकास में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने अधिक निवेश, खनिज संसाधनों के त्वरित विकास तथा केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से राज्य की खनिज क्षमता का दोहन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने हितधारकों को राज्य सरकार की ओर से निवेश को सुगम बनाने और सतत खनिज विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने भारत के आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रगति, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इन संसाधनों की खोज और विकास में तेजी लाने तथा उद्योग एवं निवेशकों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खनिज मूल्य श्रृंखला में घरेलू क्षमताओं को मजबूत करना भारत की खनिज सुरक्षा को सुदृढ़ करने और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

 

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ के मजबूत खनन एवं औद्योगिक आधार तथा नई खनिज मूल्य श्रृंखलाओं के विकास की राज्य की क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों में निवेश से नए औद्योगिक विकास केंद्रों को बढ़ावा मिल सकता है, सतत अवसंरचना मजबूत हो सकती है और स्थानीय समुदायों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की अवसंरचना, कुशल कार्यबल और संस्थागत सहयोग दीर्घकालिक निवेश के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

 

 

सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने निवेशकों से छत्तीसगढ़ की विशाल खनिज क्षमता का पता लगाने का आह्वान किया तथा तेज परिचालन, पारदर्शी खनन प्रक्रियाओं और प्रौद्योगिकी आधारित खनिज निगरानी के प्रति राज्य के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने आदिवासी टिन संग्राहकों को पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए टिन पोर्टल तथा टिन-युक्त संसाधनों से कोलंबाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज सहित विभिन्न पहलों का भी उल्लेख किया।

 

खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने कहा कि नीतिगत सुधारों, पारदर्शी नीलामी और तेज परिचालन से भारत का महत्वपूर्ण खनिज पारिस्थितिकी तंत्र सुदृढ़ हुआ है तथा अब तक प्रस्तुत 88 महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों में से 56 की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 8वीं श्रृंखला में नौ राज्यों में फैले 20 ब्लॉक शामिल हैं, जिनमें 17 समग्र लाइसेंस और 3 खनन पट्टा ब्लॉक हैं तथा ग्रेफाइट, दुर्लभ मृदा तत्व, दुर्लभ धातु, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन, पोटाश, फॉस्फोराइट और ग्लॉकोनाइट जैसे खनिज सम्मिलित हैं, जिनमें से पांच ब्लॉक छत्तीसगढ़ में स्थित हैं।

 

 

खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव संदीप कदम ने अपने संबोधन में भारत के आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने खनन से आगे बढ़कर प्रसंस्करण, परिशोधन और मूल्य संवर्धन पर ध्यान केंद्रित करने तथा नीलाम किए गए ब्लॉकों के तेजी से संचालन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मजबूत घरेलू आपूर्ति श्रृंखला और आत्मनिर्भर महत्वपूर्ण खनिज पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए केंद्र, राज्यों और उद्योग के बीच मजबूत सहयोग का भी आह्वान किया।

 

 

तकनीकी सत्र की शुरुआत एनएमईडीटी के महानिदेशक पंकज गर्ग की प्रस्तुति से हुई, जो समग्र लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति की एनएमईडीटी योजना पर आधारित थी। इसके बाद संभावित बोलीदाताओं को 8वीं श्रृंखला के अंतर्गत नीलामी के लिए पेश किए गए खनिज ब्लॉकों और नीलामी व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें एमईसीएल के एचओडी (अन्वेषण) श्रीकांत शर्मा ने खनिज ब्लॉकों और उनकी संभावनाओं, एसबीआईसीएपीएस के सहायक उपाध्यक्ष प्रतिन शर्मा ने खनिज नीलामी प्रक्रिया एवं निविदा दस्तावेज तथा एमएसटीसी के सहायक प्रबंधक पुष्कर हजेला ने ई-नीलामी प्रक्रिया की जानकारी दी।

 

 

सत्र का समापन संभावित बोलीदाताओं के साथ संवाद, उनके प्रश्नों के समाधान और नीलामी प्रक्रिया एवं संबंधित पहलुओं पर स्पष्टीकरण के साथ हुआ।रोड शो सरकार की खनिज अन्वेषण में तेजी लाने, निवेश एवं निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने और भारत की महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा एक आत्मनिर्भर और खनिज-सुरक्षित भारत के विजन को आगे बढ़ाता है।

 

 

रोड शो के पश्चात खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र की अध्यक्षता में खनिज ब्लॉक आवंटियों और पसंदीदा बोलीदाताओं के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य आवंटित ब्लॉकों के शीघ्र परिचालन में तेजी लाना रहा। भारत सरकार के खान मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारियों ने ब्लॉकों की प्रगति की समीक्षा की, प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की और उनके समयबद्ध समाधान के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। बैठक ने आवंटियों को कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दे उठाने और आवश्यक सहयोग प्राप्त करने का मंच भी उपलब्ध कराया, जिससे तेज परियोजना क्रियान्वयन, घरेलू खनिज उत्पादन में वृद्धि और भारत की खनिज आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने की साझा प्रतिबद्धता और मजबूत हुई।

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