काली पट्टी में नर्सिंग स्टाफ का ‘मौन संदेश’—14 वर्षों से वेतन विसंगति बरकरार, अब आंदोलन की चेतावनी

कोरबा मेडिकल कॉलेज में दूसरे दिन भी सांकेतिक प्रदर्शन; 30 सितंबर को स्कूटी रैली, मांग नहीं मानी तो 18 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी
कोरबा। मरीजों की सेवा में दिन-रात तैनात नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारियों ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को काली पट्टी लगाकर शासन की कथित उपेक्षा के खिलाफ सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध जिला चिकित्सालय, कोरबा में आयोजित प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग स्टाफ ने “वेतन विसंगति दूर करो” और “नर्सिंग यूनियन जिंदाबाद” के नारों के साथ अपनी वर्षों पुरानी मांग को प्रमुखता से उठाया।
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अनुसार, नर्सिंग संवर्ग पिछले करीब 14 वर्षों से ग्रेड-पे एवं वेतनमान में सुधार की मांग शासन और प्रशासन के सामने रखता आ रहा है। संगठन का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा आयुक्त द्वारा आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे जाने के बावजूद लगभग नौ महीने से निर्णय लंबित है। इसी देरी के कारण प्रदेशभर के नर्सिंग अधिकारियों एवं कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मरीजों की सेवा जारी रखते हुए विरोध
नर्सिंग स्टाफ ने स्पष्ट किया कि 28 और 29 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक काली पट्टी लगाकर किया गया प्रदर्शन शांतिपूर्ण और सांकेतिक था। इस दौरान आपातकालीन एवं आवश्यक मरीज सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया गया।
प्रदर्शनकारी नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि काली पट्टी महज कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि 14 वर्षों की अनसुनी मांग, आर्थिक असमानता और प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक है। मरीजों की जिंदगी बचाने वाले कर्मचारियों को अपने ही अधिकारों के लिए वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़े, तो यह व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
30 सितंबर को घंटाघर तक निकलेगी स्कूटी रैली
एसोसिएशन ने घोषणा की है कि बुधवार, 30 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल परिसर से घंटाघर चौक तक शांतिपूर्ण दोपहिया वाहन एवं स्कूटी रैली निकाली जाएगी। इसके माध्यम से शासन का ध्यान नर्सिंग संवर्ग की ग्रेड-पे और वेतनमान संबंधी मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा।
संगठन ने अधिष्ठाता तथा संयुक्त संचालक एवं अस्पताल अधीक्षक को लिखित सूचना देकर प्रदर्शन और रैली की अनुमति मांगी है। पत्र की प्रतिलिपि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त तथा कोरबा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को भी भेजी गई है।
18 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने चेताया है कि लंबित प्रस्ताव पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तरीय संगठन के आह्वान पर 18 नवंबर 2026 से अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ किया जा सकता है। संगठन ने कहा है कि ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की जिम्मेदारी संबंधित शासन एवं प्रशासन की होगी।
फिलहाल काली पट्टी के साथ दिया गया यह शांतिपूर्ण संदेश साफ है—जो हाथ मरीजों की धड़कन संभालते हैं, उनके अधिकारों की फाइल अब और अधिक समय तक सरकारी मेजों पर धूल नहीं खानी चाहिए। शासन को यह तय करना होगा कि वह समय रहते संवाद और निर्णय का रास्ता अपनाएगा या स्वास्थ्य व्यवस्था को व्यापक आंदोलन की ओर बढ़ने देगा।
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