कोरबा की बेटी डॉ. बरखा रानी कुर्रे को दिल्ली में मिला मानद डॉक्टरेट सम्मान, सतनामी समाज में हर्ष

नई दिल्ली । छत्तीसगढ़ के कोरबा की बेटी और सतनामी समाज की प्रतिभाशाली डॉ. बरखा रानी कुर्रे को Hearing Aid Technology एवं Speech Rehabilitation के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में प्रतिष्ठित मानद डॉक्टरेट सम्मान से नवाजा गया। HonorEdge Awards Association की ओर से 8 अगस्त 2026 को आयोजित कार्यक्रम में उन्हें Honorary Doctorate Award प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट कार्य, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए दिया गया।
कोरबा की डॉ. बरखा रानी कुर्रे लंबे समय से श्रवण एवं वाणी पुनर्वास के क्षेत्र में सक्रिय रूप से सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उन्होंने श्रवण संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। जरूरतमंद लोगों तक श्रवण परीक्षण, Hearing Aid तथा Speech-Language Rehabilitation जैसी सेवाएं पहुंचाने के साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए भी लगातार प्रयास किए हैं।
डॉ. कुर्रे का कार्य केवल उपचार और पुनर्वास तक सीमित नहीं है। उन्होंने श्रवण बाधित लोगों को सामान्य जीवन जीने में सक्षम बनाने तथा उनके परिवारों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सेवा भावना और सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता देते हुए वे लंबे समय से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हैं।
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में मिले इस सम्मान से कोरबा और सतनामी समाज में खुशी का माहौल है। समाज के लोगों ने डॉ. बरखा रानी कुर्रे की उपलब्धि को पूरे समाज के लिए गौरव का विषय बताया है। उनका कहना है कि कोरबा की बेटी ने अपनी प्रतिभा, मेहनत, समर्पण और सेवा भावना के माध्यम से न केवल अपने क्षेत्र में पहचान बनाई है, बल्कि समाज की बेटियों के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
HonorEdge Awards Association द्वारा प्रदान किया गया यह मानद डॉक्टरेट सम्मान डॉ. कुर्रे के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान के रूप में देखा जा रहा है। उनके शुभचिंतकों और समाज के लोगों ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. बरखा रानी कुर्रे ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गौरव के साथ-साथ समाज और मानव सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और अधिक मजबूती से निभाने की प्रेरणा है। उन्होंने भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों तक श्रवण एवं वाणी पुनर्वास से जुड़ी सेवाएं पहुंचाने तथा जनजागरूकता के क्षेत्र में कार्य जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कोरबा की बेटी को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान को सतनामी समाज ने उपलब्धि और प्रेरणा का क्षण बताया है। समाज के लोगों का कहना है कि डॉ. बरखा रानी कुर्रे की सफलता कोरबा और छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धि युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों को शिक्षा, सेवा और अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।
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