राज्य समाचार

अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम के सामने नाबालिग बच्ची ने पिया फिनाइल कार्रवाई रोकी गई

Spread the love

महासमुंद । महासमुंद जिले के पिथौरा क्षेत्र के समीप ग्राम पंचायत लहरौद में उस समय हड़कंप मच गया जब शासकीय भूमि पर बने मकानों को हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने एक 13 वर्षीय बालिका ने कथित रूप से फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई रोककर वापस लौटने का निर्णय लिया।

 

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह तहसीलदार मोहित कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ग्राम पंचायत लहरौद में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। यह कार्रवाई खसरा नंबर 896 और 897 की शासकीय भूमि पर बेदखली आदेश के पालन के तहत की जा रही थी, जहां लगभग 0.04 और 0.06 हेक्टेयर भूमि पर निर्माण बताया जा रहा है।

कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद योगेश निषाद की 13 वर्षीय पुत्री मालती ने प्रशासनिक टीम से मकान नहीं तोड़ने की गुहार लगाई। परिजनों का कहना है कि जब उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह मानसिक रूप से आहत हो गई और कथित रूप से फिनाइल पी लिया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना के बाद प्रशासनिक टीम ने तत्काल कार्रवाई रोक दी और मौके से लौट गई।

 

पूरे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे पिछले करीब 45 वर्षों से इस स्थान पर निवास कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्के मकान की स्वीकृति भी मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने निर्माण कार्य किया। परिवार का दावा है कि भूमि विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जब तक निर्णय नहीं आता, तब तक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी।

परिजनों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उन्हें तहसील कार्यालय में बुलाकर व्यस्त रखा गया और इसी दौरान उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में अन्य लोग भी शासकीय भूमि पर काबिज हैं, लेकिन केवल कुछ परिवारों को ही निशाना बनाया गया है।

 

ग्राम पंचायत लहरौद के उपसरपंच रमेश सिन्हा ने भी प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के अचानक की गई कार्रवाई नियमों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया से ग्रामीणों में भय और असंतोष फैलता है। वहीं दूसरी ओर तहसीलदार मोहित कुमार अमिला ने कहा कि यह कार्रवाई बेदखली आदेश के पालन और शिकायत के आधार पर की गई थी।

 

उन्होंने बताया कि उन्हें बालिका द्वारा फिनाइल पीने की जानकारी मौके पर नहीं दी गई थी और मामले की जांच की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं और यह देखा जा रहा है कि आगे कार्रवाई किस दिशा में जाएगी। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button