राज्य समाचार

विधायक उसेण्डी ने ‘मोर सुआद’-दीदी की रसोई का किया शुभारंभ

कोण्डागांव   । बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक लता उसेण्डी ने गुरुवार शाम कोण्डागांव में दीदी की रसोई पहल के अंतर्गत ‘मोर सुआद’ का शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना भी उपस्थित रहे।

शुभारंभ अवसर पर विधायक उसेण्डी ने कहा कि घर, परिवार की जिम्मेदारियों के साथ बाहर निकलकर कार्य करना और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन हमारी बहनें इस दिशा में सराहनीय प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण को लेकर निरंतर कार्य कर रही है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लखपति दीदी पहल सहित एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने दीदी की रसोई की सराहना करते हुए कहा कि यहां लोगों को पारंपरिक संस्कृति की झलक के साथ घर जैसा स्वाद मिलेगा।

इस अवसर पर कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने नवाचार के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि भविष्य में यहां सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले लागों को बेहतर वातावरण के साथ-साथ घर के स्वाद का अनुभव प्राप्त हो सके।

इस अवसर पर पार्षद सोनामणि, दीपेश अरोरा, गोपाल दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई के मार्गदर्शन में एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक विनय सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक कुंजलाल सिन्हा, दुर्याेधन मेंघ सहित एनआरएलएम की टीम का मोर सुआद के शुभारंभ में महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मोर सुआद – दीदी की रसोई बनी स्वसहायता समूहों की आजीविका का सशक्त केन्द्र  :

पारंपरिक शिल्पकला एवं बस्तर की समृद्ध संस्कृति से सुसज्जित ‘मोर सुआद- दीदी की रसोई’ का संचालन लक्ष्मी स्वसहायता समूह, पलारी द्वारा किया जा रहा है। समूह द्वारा स्वयं के संगठन से 5.00 लाख रुपये का समूह ऋण तथा बैंक से 1.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त कर विभिन्न आजीविका गतिविधियां शुरू की हैं।

‘मोर सुआद’ केन्द्र में ताज़ी सब्जियों के विक्रय के साथ-साथ बस्तर की संस्कृति पर आधारित पारंपरिक शिल्प एवं हस्तकला उत्पादों की बिक्री की जा रही है। इसी परिसर में सरस्वती स्वसहायता समूह, संबलपुर की कुमारी पटेल द्वारा ‘आजीविका फ्रेश’ नाम से फलों एवं सब्जियों की बिक्री हेतु दुकान भी स्थापित की गई है। इस प्रकार यह केन्द्र स्वसहायता समूह की महिलाओं के लिए आजीविका का एक महत्वपूर्ण एवं सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।

समूह की सचिव मीनाक्षी देवांगन ने बताया कि जिला प्रशासन की इस पहल से जुड़कर समूह की सभी सदस्य पूरी मेहनत एवं लगन के साथ कार्य करेंगी और समूह के सदस्यों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाएंगी।

एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक विनय सिंह ने जानकारी दी कि ‘दीदी की रसोई’ को एक ब्रांड के रूप में विकसित करते हुए कोंडागांव मुख्यालय में वर्तमान में 5 स्वसहायता समूहों को दीदी की रसोई के माध्यम से आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है। इससे जिले की स्वसहायता समूहों को आत्मनिर्भरता की नई राह मिल रही है। उन्होंने बताया कि भविष्य में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अन्य उपयुक्त स्थानों का चयन कर ऐसे और केन्द्रों का शुभारंभ किया जाएगा।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button