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खाद संकट पर कांग्रेस का हल्ला बोल, उमेश पटेल के नेतृत्व में किसानों ने घेरा तहसील

खरसिया (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। छत्तीसगढ़ में डीएपी और यूरिया खाद की कमी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। इस संकट को लेकर गुरुवार को खरसिया विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री उमेश पटेल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और हजारों किसानों के साथ तहसील कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि 5 दिनों में खाद की आपूर्ति नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

मदनपुर से तहसील तक किसानों का प्रदर्शन
रैली मदनपुर कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुई। प्रदर्शनकारियों ने ‘भाजपा हटाओ, प्रदेश बचाओ’, ‘किसानों के साथ अत्याचार बंद करो’, ‘जय जवान, जय किसान’, ‘किसानों के सम्मान में उमेश पटेल मैदान में’ और ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए। रैली सीधे खरसिया तहसील कार्यालय पहुंची, जहां प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। फिर भी, आंदोलनकारियों ने घेराव कर कार्यालय का दरवाजा खुलवाया और एसडीएम प्रवीण तिवारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खाद आपूर्ति में तेजी लाने और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।

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उमेश पटेल का बयान
पटेल ने आरोप लगाया कि समितियों में खाद वितरण में मनमानी हो रही है। उन्होंने कहा कि बड़े किसानों को आसानी से खाद मिल रहा है, जबकि छोटे और गरीब किसान भटक रहे हैं। यह संकट जानबूझकर पैदा किया जा रहा है, ताकि धान उत्पादन घटे और सरकार को खरीदी का अतिरिक्त बोझ न उठाना पड़े।

उन्होंने पिछली धान खरीदी का हवाला देते हुए कहा कि किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदा गया, लेकिन बाद में इसे मात्र ₹1900 प्रति क्विंटल में नीलाम कर दिया गया। पटेल ने सरकार पर किसानों के साथ अत्याचार का आरोप लगाया और स्पष्ट कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो “यह संघर्ष और बड़ा रूप लेगा।”

किसानों की पीड़ा
गाँवों से आए किसानों ने कहा कि समय पर खाद न मिलने से धान की फसलें प्रभावित हो रही हैं और उत्पादन में गिरावट की आशंका है।

आंदोलन का संदेश
यह घेराव सिर्फ खाद संकट को उजागर नहीं करता, बल्कि किसानों की एकजुटता और गुस्से का भी संकेत है। स्थानीय आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है, और प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

 

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