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रेलटेल को मिला ‘नवरत्न’ का दर्जा, रेलवे को इन-हाउस दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध हुई थी स्थापना

रायपुर।  रेल मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज (CPSE)  रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (RailTel) को नवरत्न कंपनी का दर्जा हासिल हुआ है। रेलटेल को नवरत्न कंपनी का दर्जा वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा (DPE) द्वारा प्रदान किया गया है।

रेलटेल ने अपनी स्थापना के मात्र 24 वर्षों के भीतर यह उपलब्धि हासिल की है। गौरतलब है कि 26 सितंबर 2000 को भारतीय रेल के लिए एक इन-हाउस दूरसंचार सेवा प्रदाता के रूप में रेलटेल की स्थापना की गई थी। बाद में रेलटेल तेजी के साथ भारत के सबसे बड़े दूरसंचार बुनियादी ढांचा प्रदाताओं में शामिल हो गई। नवरत्न कंपनी का दर्जा मिलने के साथ, रेलटेल के पास अब अधिक स्वायत्तता होगी, जिससे वह उच्च पूंजीगत व्यय आवंटन के माध्यम से अपने नेटवर्क का विस्तार कर सकेगी। इतना ही नहीं नवरत्न का दर्जा, रेलटेल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यावसायिक विस्तार करने में भी मददगार साबित होगा।

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जाहिर है कि रेलटेल के पास रेलवे ट्रैक के साथ 62,000 रूट किलोमीटर का व्यापक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क मौजूद है, साथ ही शहरी क्षेत्रों में 21,000 किलोमीटर का नेटवर्क है। इसके अलावा रेलटेल के पास 11,000 से अधिक पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoPs) हैं और देश भर में 1,100 टेलीकॉम टावर हैं। रेलटेल ने दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क में से एक को बनाया है, जो देश भर में 6,112 रेलवे स्टेशनों पर सेवाएं प्रदान करता है।

रेलटेल एक ऐसा विशिष्ट पीएसयू है, जिसके पास दूरसंचार लाइसेंस (IP-1, NLD, ISP) इन-हाउस टियर III डेटा सेंटर सेवाएं, अपना सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर और MeitY- सूचीबद्ध क्लाउड सेवाएं हैं। कंपनी के व्यापक सेवा पोर्टफोलियो में MPLS VPN, लीज्ड लाइन्स, टावर को-लोकेशन, डेटा सेंटर सेवाएं, क्लाउड सेवाएं, सुरक्षा संचालन केंद्र सेवाएं, एचडी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, आधार-आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली, ई-टेंडरिंग, ब्रांड रेलवायर के तहत रिटेल ब्रॉडबैंड, आईटी और आईसीटी परियोजनाएं, रेलवे सिग्नलिंग परियोजनाएं और कई अन्य सेवाएं शामिल हैं।

 

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