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वोटिंग और उसके पहले वाले दिन के राजनीतिक विज्ञापनों का कराना होगा प्रमाणीकरण

मतदाताओं को भ्रमित करने वाले विज्ञापनों पर होगी रोक

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के मतदान की तैयारियां जोरों पर हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय प्रदेश में सुगम, सुघ्घर और समावेशी निर्वाचन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है। विधानसभा निर्वाचन के दौरान मीडिया के गलत उपयोग को रोकने आयोग ने व्यापक तैयारियां की हैं। इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के साथ ही प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापनों के दुरूपयोग को रोकने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। दूसरे चरण के मतदान के दिन 20 नवम्बर को और उसके एक दिन पहले 19 नवम्बर को राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन के पूर्व जिला अथवा राज्य स्तरीय मीडिया प्रमाणन समिति से विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन अनिवार्य किया गया है।
भारत निर्वाचन आयोग से इस संबंध में जारी परिपत्र की जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि 20 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के दिन तथा उसके पहले दिन 19 नवंबर को कोई भी प्रत्याशी, राजनीतिक दल अथवा अन्य कोई संगठन राजनीतिक विज्ञापन प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित करने के पूर्व मीडिया प्रमाणन समिति से पूर्व प्रमाणन सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने जिला तथा राज्य मीडिया प्रमाणन समिति को प्रमाणन हेतु प्राप्त आवेदन पर त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। जारी परिपत्र में आयोग ने कहा है कि भ्रमित करने वाले विज्ञापनों के प्रकाशन के बाद वे दल अथवा प्रत्याशी जो इससे प्रभावित होते हैं, उनके पास किसी भी प्रकार की सफाई अथवा खंडन का अवसर नहीं होता। ऐसे में स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष निर्वाचन के लिए विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन जरूरी है।

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