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तहसीलदार का कमजोर गणित, 6 साल से बंटवारा फंसा:0.78 एकड़ का 5 हिस्सा, हरेक को दे दी 0.12 एकड़ जमीन, कोर्ट का चौथा रिमाइंडर

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तहसीलदार ने 0.78 एकड़ जमीन का 5 हिस्सों में बंटवारा किया और प्रत्येक को 0.12 एकड़ हिस्सा दिया। परिवार ने प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 के पास अपील की। जज ने तहसीलदार को सही गणित समझाया कि 0.78 एकड़ जमीन के 5 हिस्से होंगे तो प्रत्येक को 0.156 एकड़ जमीन मिलेगी।

यह सीधा सा गणित तहसीलदार को समझ में नहीं आया और पिछले पांच साल से यह केस तहसील में ही फंसा हुआ है। परिवार के लोग परेशान हैं और तहसील व अदालत के चक्कर काट रहे हैं। अब प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 गिरीश पाल सिंह ने रिमाइंडर जारी किया है और 25 सितंबर तक बंटवारा कर जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं।

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राजस्व अफसरों की गफलत और चूक से किस तरह लोग सालों परेशान होते हैं, उसका यह एक बड़ा नमूना है। 2017 से एक परिवार तहसीलदार के खराब ​गणित का खामियाजा भुगत रहा है। प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 की अदालत में दिलीप पटेल नाम के एक व्यक्ति ने 2017 में तहसीलदार के गलत फैसले को चुनौती दी थी।

जज ने शिकायत को सही पाया और तहसीलदार के कमजोर गणित को दुरुस्त करते हुए आदेश दिया कि​ 0.78 एकड़ जमीन का जब पांच हिस्सों में बंटवारा किया जाएगा तो प्रत्येक को 0.156 एकड़ मिलेगा। जज ने तहसीलदार को सुधार कर सही ढंग से बंटवारा करने का निर्देश दिया। तत्कालीन तहसीलदार तुलाराम भारद्वाज ने गलती में सुधार करना तो दूर केस की फाइल ही रोक दी।

इसके बाद जज ने दो बार और तहसीलदार की गलती को दुरुस्त कर सही ढंग से बंटवारे के लिए आदेश दिया। जज की ओर से बाकायदा कलेक्टर को भी जानकारी भेजी गई, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके, लेकिन राजस्व अफसरों के लचर रवैये के कारण कोई असर नहीं हुआ। जज ने एक और रिमाइंडर भेजकर 29 सितंबर तक बंटवारे में त्रुटि को सुधार करने के निर्देश दिए हैं।

अपनी तरह का पहला मामला

शहर में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी जमीन के बंटवारे में तहसीलदार ने ऐसी गलती की है। राजस्व अधिकारियों को बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे उनसे ऐसी कोई गलती न हो। राजस्व विभाग की गलतियों के कारण केस सालों तक अटक जाते हैं। कोर्ट के आदेश के बाद भी तहसीलदार ने अपनी गलती दूर नहीं की और परिवार को परेशान होना पड़ा।

नक्शा और खसरे से छेड़छाड़

तहसील दफ्तर से हुई जमीन की गड़बड़ी के कई मामले कोर्ट तक पहुंच रहे हैं। तालापारा, सरकंडा समेत कई जगह जमीन और नक्शों में छेड़छाड़ पर याचिका लगाई गई है। इन मामलों में पटवारियों से पूछताछ चल रही है। गंभीर बात यह है कि पटवारी अपनी गलती मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

मैं डिटेल देखता हूं

कोर्ट से निर्देश के बाद भी मामले में सुधार क्यों नहीं हो पाया है, इसके लिए पूरे मामले को देखना होगा। मैं फाइल निकलवाता हूं। इसके बाद आगे कार्यवाही करेंगे। कोर्ट को भी जानकारी भेजेंगे।

-अतुल वैष्णव, तहसीलदार

आदेश का पालन करेंगे

दिलीप पटेल बनाम रामलाल के मामले में सिविल कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उसे अमल में लाना ही होगा। अन्यथा कोर्ट की अवमानना होगी। कोर्ट के आदेश को गंभीरता से अमल में लाएंगे।

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