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खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा फर्जी राशन कार्ड मिलने पर कलेक्टर होंगे दोषी

रायपुर। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा है कि राज्य में पूर्ववर्ती सरकार में 58 लाख राशन कार्ड में लाखों राशन कार्ड फर्जी पाए गए थे। कांग्रेस सरकार ने राशन कार्ड बनाने की जो प्रक्रिया तय की है उसमें 2 लाख 41 हजार राशन कार्ड प्रारंभिक रूप से फर्जी होने की आशंका है। इन राशन कार्ड के धारकों की जांच कर उन्हें दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया है। उन्होंने कहा कि फर्जी राशन कार्ड बनने पर जिला कलेक्टरों को दोषी माना जाएगा।
नवीन विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने सरकार के दस माह के कार्य के दौरान अपने विभाग की उपलब्ब्धियों को ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सार्वभौम पीडीएस के अंतर्गत एपीएल और बीपीएल परिवारों के राशन कार्ड बनाने का पूरा किया है। इसके अंतर्गत एपीएल के 8.18 लाख राशन कार्ड बनाने के आवेदन मिले, इनमें से 5.38 लाख एपीएल परिवारों के राशनकार्ड बनाए जा चुके हैं। एपीएल के 17.16 लाख सदस्य इससे लाभांवित होंगे। पूर्व में प्रचलित करीब 41 हजार से अधिक राशन कार्ड जिनमें मृत सदस्यों का नाम नहीं हटाया गया था, उन्हें नवीनीकरण के दौरान हटाने की कार्रवाई की गई है। नवीनीकरण के दौरान 16.50 लाख नए सदस्यों को जोड़ा गया है। राज्य में वर्तमान में 58 लाख राशनकार्ड में 2.16 करोड़ व्यक्तियों को अर्थात 85 प्रतिशत लोगों का रियायती चावल वितरित किया जा रहा है। वर्तमान 58.56 लाख राशन कार्ड में 3.57 लाख नए सदस्यों के नाम जोड़े गए हैं। जो राशन कार्य प्रारंभिक रूप से फर्जी पाए जाने की आशंका है उनकी जांच की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा के लिए 4 हजार करोड़
मंत्री ने बताया कि नई सरकार ने खाद्य सुरक्षा के तहत पिछली सरकार ने जहां 2770 करोड़ का प्रावधान किया था उसके मुकाबले 4 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि खाद्य विभाग की ओर से अनुदान प्राप्त छात्रावास, आश्रम और कलयाणकारी संथाओं को चावल का आबंटन किया जा रहा है। ऐसे राशन कार्ड धारी जिनके पास एलपीजी कनेक्शन था उन्हें पूर्व में कैरोसिन की पात्रता से अलग कर दिया गया था, अब उन्हें भी कैरोसिन वितरण किया जा रहा है।
कस्टम मिलिंग का कार्य पूरा
खाद्य मंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य में खरीदे गए धान का पूरा उठाव हो चुका है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी के बाद एफसीआई को 23.46 लाख टन और नागरिक आपूर्ति निगम को 29.62 लाख टन चावल का उपार्जन किया गया। यह 53.08 लाख टन होता है। जो कुल खरीदे गए धान से कुल निर्मित चावल का 98.57 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले 14.90 लाख टन चावल का अधिक उपार्जन किया गया है।
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