August 30, 2025 |

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छत्तीसगढ़

ये आईपीएस ऑफिसर नेताओें की भी नहीं है सुनता… चुनाव आयोग ने की कोरबा में पोस्टिंग, राजनैतिक गुंडो के लिए कह दी ये बड़ी बात…

Gram Yatra Chhattisgarh
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कोरबा – कोरबा में अक्सर कड़क मिज़ाज एसपी की पदस्थापना होती रही है। आईपीएस अमरेष मिश्रा के तेवर को कोरबा के लोग अब भी भूल नहीं सके है जो आमजनों के लिए फरिष्ता और बदमाषों के लिए खौफ का दूसरा नाम थे। अब इसी तरह के एक और कड़क मिज़ाज लेकिन नर्म दिल आईपीएस जितेन्द्र शुक्ला की पदस्थापना कोरबा में हुई है। गलत बात ये राजनेताओं की भी नहीं सुनते है। ये कब घूमते फिरते सादे लिबाज में आपके बीच पहंुच आपकी सुरक्षा सुनिष्चित करें ये आप भी नहीं जान पायेंगे। हो सकता है जब आप ये ख़बर पढ़ रहे होंगे तब वो आपके आसपास ही होंगे। इनका मानना है ये कि अपने दफ्तर में तब ही बैठते है जब इनको लगता है कि थाने में लोगो की समस्याओं का हल नहीं हो रहा। लेकिन एसपी जिले में हो और थाने में आपका काम न हो ऐसा हो नहीं सकता है। एसपी जितेन्द्र शुक्ला दो टूक शब्दों कहते है कि जिनको ये लगता है कि वो कानून से परे है, जिनको लगता है कि कानून खरीदा जा सकता है..उनके लिए मैं बहुत कड़ा हूं. बहुत मतलब जितना वो सोंच नही सकते, उससे ज्यादा हूं। लेकिन 75 फिसदी लोगो के लिए दोस्त और परिवार की तरह ही हूं। बकौल जितेन्द्र शुक्ला जिस सिपाही के उसके बीट के गांव मंे 5 मददगार नहीं थानेदार को जाने पर ईज्जत नहीं उसका काम सही नहीं है। वे अपराधियों को दुष्मन समझते है और जब चुनाव की बात आती है तो पूरी निष्पक्षता उनकी कार्रवाई में दिखती है नेताओं को उनकी साफगोई ज्यादा रास नहीं आती है बावजूद इसके इनके स्वाभाव, काम के अंदाज मेें कोई परिवर्तन नहीं है। एसपी कभी भी बिना बताए आपके बीच हो सकते हैै एसपी की सक्रियता के साथ ही थानेदार भी आज से पहले की अपेक्षा काफी सक्रिय हो चले है।

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