राज्य समाचारराष्ट्रीय खबरें

आम जनता को महंगाई से मिली राहत, खाने के तेल की कीमतों में आई गिरावट, यहां देखें ताजा भाव

Spread the love

नई दिल्ली : देश में सस्ते आयातित तेलों की भरमार के बीच बीते सप्ताह तेल तिलहन बाजार में अधिकांश खाद्य तेल तिलहनों के थोक भाव में गिरावट आई, जबकि माल की कमी और मांग बढ़ने के कारण मूंगफली तेल तिलहन कीमतों में सुधार आया। कारोबारियों ने बताया कि देश में मूंगफली और बिनौला के अच्छे तिलहन की कमी है और अभी तक सूरजमुखी के अत्यधिक आयात से इन दो तेलों की कमी पूरी हो रही थी, लेकिन लागत के मुकाबले कम भाव में बिकवाली के नुकसान के कारण आयात कम होने की आशंका है। ऐसे में त्योहारी दिनों की मांग को लेकर अभी से सचेत रहना होगा।बाजार सूत्रों ने कहा कि देश में विशेषकर सूरजमुखी तेल का मांग के मुकाबले कहीं ज्यादा आयात हो रखा है और इस तेल का थोक भाव बाकी तेलों से काफी सस्ता भी है। इसके कारण कोई तेल तिलहन उठ नहीं पा रहे। यह बिनौला और मूंगफली तेल की कमी को फिलहाल पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच काला सागर मार्ग से परिवहन करने संबंधी समझौते की अवधि समाप्त होने के बाद तेल संघों को नरम तेल के आयात की स्थिति के बारे में सरकार को जानकारी देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को अर्जेन्टीना सहित अन्य देशों से जुलाई और अगस्त के दौरान कितने खाद्य तेल की लदान हुई है, इस बात की जानकारी रखनी होगी ताकि त्योहारों के मौके पर नरम खाद्यतेलों की कमी ना होने पाये। सूत्रों ने कहा कि एक परिस्थिति तो यह है कि सोयाबीन और सूरजमुखी के आयात की जो लागत बैठती थी, उसके मुकाबले वही तेल यहां देश के बंदरगाहों पर सस्ते में बेचा जा रहा था, ताकि बैंकों के ऋण साख-पत्र (एलसी या लेटर आफ क्रेडिट) को चलाते रहा जा सके। लेकिन, इस कम भाव में बिकवाली से जो नुकसान हो रहा था, उससे काफी कम नुकसान कच्चा पामतेल और पामोलीन के आयात में हो रहा था।

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button