कोरबा में इमारती लकड़ी माफिया पर पुलिस का बड़ा प्रहार

7 पेड़ों की शिकायत से खुला 9 लाख की अवैध लकड़ी का खेल, 20.169 घन मीटर इमारती लकड़ी और क्रेन जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार—संगठित नेटवर्क की जांच शुरू
विशेष रिपोर्ट | ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क
कोरबा। कोरबा में शासकीय भूमि और वन संपदा की अवैध कटाई के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसकी शुरुआत मात्र 7 वृक्षों की अवैध कटाई की शिकायत से हुई थी, लेकिन गहन जांच में मामला करोड़ों की वन संपदा पर नजर रखने वाले संभावित संगठित नेटवर्क तक पहुंचने के संकेत देने लगा है।
संयुक्त जांच के दौरान पुलिस ने 20.169 घन मीटर बेशकीमती इमारती लकड़ी तथा परिवहन में प्रयुक्त क्रेन जब्त की है। बरामद लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है।
शिकायत छोटी, खुलासा बड़ा
वन परिक्षेत्र अधिकारी की शिकायत के अनुसार सीएसईबी रामपुर स्थित जूनियर क्लब के समीप राजस्व भूमि पर बिना वैध अनुमति के इमारती वृक्षों की कटाई कर लकड़ी को अवैध रूप से परिवहन किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने तत्काल विशेष जांच के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी जांच से खुली पूरी कड़ी
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और परिवहन संबंधी तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच में पता चला कि अवैध लकड़ी को कोरबा से रायपुर-अभनपुर तक ले जाया गया था।
प्रदेश स्तर पर गठित संयुक्त जांच दल ने कार्रवाई करते हुए पूरी खेप बरामद कर ली। आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। कार्रवाई के दौरान सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया।
उसके विरुद्ध थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 673/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 316(5) एवं 317(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
अब जांच का फोकस—क्या पीछे है बड़ा नेटवर्क?
पुलिस का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। अब यह पता लगाया जा रहा है—
लकड़ी की वास्तविक कटाई किन स्थानों से हुई?
परिवहन और भंडारण में किन-किन लोगों की भूमिका रही?
क्या यह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा है?
अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं?
यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एसपी का स्पष्ट संदेश—वन संपदा की लूट बर्दाश्त नहीं
पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि विवेचना पूरी तरह वैज्ञानिक, तकनीकी और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी शासकीय भूमि, वन संपदा या इमारती लकड़ी की अवैध कटाई, परिवहन अथवा भंडारण की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
ग्राम यात्रा की टिप्पणी
कोरबा जैसे वन संपदा से समृद्ध जिले में अवैध कटाई और इमारती लकड़ी की तस्करी केवल राजस्व हानि का मामला नहीं, बल्कि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। इस कार्रवाई से यह उम्मीद बढ़ी है कि यदि जांच इसी गति से आगे बढ़ी, तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है और वन माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई संभव होगी।
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