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विश्व हिंदू परिषद की षष्ठी पूर्ति वर्ष में संगठन के स्थापना, संरचना एवं विस्तार की गाथा

 

 

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संतो के मार्गदर्शन में पूज्य स्वामी चिन्मयानंद जी (चिन्मय मिशन के संस्थापक) की अध्यक्षता में उन्हीं के मुम्बई स्थित आश्रम ‘‘सांदीपनी साधनालय’’ में आयोजित बैठक में मास्टर तारा सिंह, ज्ञानी भूपेन्द्र सिंह (अध्यक्ष-शिरोमणि अकाली दल), डॉ0 के. एम. मुंशी जी एवं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य श्री माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर, श्री गुरु जी के नेतृत्व के द्वारा 29 अगस्त 1964 को कृष्ण जन्माष्टमी के दिन विश्व हिंदू परिषद की नींव रखी गई थी l जिसमें पूरे विश्व के हिंदू संगठनों के मुखिया एवं भारत के सभी हिंदु संगठन के अनुयाई संतो, संगठनों के प्रमुखों की उपस्थिति में लगभग 800 की संख्या में बैठक में आयोजन सफलतापूर्वक करके हिंदू धर्म के विस्तार , प्रचार प्रसार एवं आत्मरक्षा हेतु एक वृहद संगठन की स्थापना की गई , जो कि पूरे विश्व के हिंदू समुदायों की स्वीकृति के साथ एक सबसे बड़ा हिंदुत्ववादी संगठन बन गया l

 

इन 60 वर्ष में हिंदुत्व जागरण, धर्म प्रचार प्रसार , धर्माचार्यों के साथ संपर्क एवं उनका मार्गदर्शन, हिंदू समाज में सामाजिक समरसता के लिए कार्य, सेवा कार्य ,अर्चक पुरोहितों के साथ संपर्क, मठ मंदिरों में जाकर धर्म का कार्य, भारत के विरासत की रक्षा का कार्य और पुनर्निर्माण कर इनको मूल रूप में प्रदान करने के कार्य , सत्संग एवं धर्म जागरण करके समाज के समस्त हिंदुओं को एकत्रित करना तथा जागृत करना एवं शिक्षित करने का कार्य पिछले 60 वर्षों से किया जा रहा है।

 

सन 2007 में तत्कालीन सरकार के द्वारा रामसेतु को तोड़ने का प्रयास किया गया, जिसके विरुद्ध में विश्व हिंदू परिषद आगे आकर रामसेतु जैसे राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर को बचाने एवं संरक्षण का कार्य करने में महती भूमिका निभाई गई।

 

विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रयासों से राम जन्मभूमि का विवाद सुलझाकर 22 जनवरी 2024 को रामलला की विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा माननीय चंपतराय जी के नेतृत्व में किया गया जो कि पूरे विश्व के हिंदुओं के लिए गर्व की बात थी।

 

1995 में अमरनाथ यात्रा को आतंकियों के द्वारा बंद करने की धमकी दी गई, जिसमें विश्व हिंदू परिषद और संतों के आह्वान के द्वारा बजरंग दल के लगभग 51000 कार्यकर्ता पूरे भारत से आह्वान करने पर आगे आए और हिंदुओं के आत्मविश्वास को जगा कर अमरनाथ की यात्रा पुनः प्रारंभ करने का पुण्य कार्य किया।

 

विश्व हिंदू परिषद पूरे विश्व के संगठन के माध्यम से विगत 60 वर्षों से हिंदू हित, हिंदुओं को जागृत कर एकत्रित करने का सफलतापूर्वक कार्य कर रही है।

 

*आप सभी हिंदू भाई बहनों से आग्रह है कि हम सभी के इस मूल संगठन से जुड़कर षष्ठी पूर्ति वर्ष में अपनी भागीदारी करते हुए हिंदू हित के कार्यों में अपनी भी आहुति अवश्य दें।*

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