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कोरबा सर्विस स्टेशन की फाइल पर किसका पहरा? तीवरता ग्रुप के कथित रसूख पर अब कोयला मंत्रालय से स्वतंत्र जाँच की मांग

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नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर SECL अधिकारी बताए गए सूत्र का दावा—GM–CGM से बिलासपुर CMD कार्यालय और कोल इंडिया के शीर्ष स्तर तक प्रभाव; ग्राम यात्रा इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता

 

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कोरबा/कुसमुंडा। सरकारी संपत्ति की रखवाली करने वाला तंत्र यदि प्रभावशाली कारोबारियों के सामने निर्णय लेने से हिचकता है, तो सवाल केवल एक पेट्रोल पंप का नहीं रहता—पूरे प्रबंधन की जवाबदेही सामने आती है। कोरबा सर्विस स्टेशन, देवजानी मजुमदार और तीवरता ग्रुप की कथित भूमिका से जुड़े प्रकरण में अब अधिकारियों को प्रभावित कर कार्रवाई रोकने के आरोपों की स्वतंत्र जाँच की मांग उठ रही है।

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क को मिली जानकारी के अनुसार, स्वयं को SECL का अधिकारी बताने वाले एक सूत्र ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर दावा किया कि तीवरता ग्रुप कोयले का बड़ा कारोबारी है और उसका प्रभाव क्षेत्रीय GM–CGM तक सीमित नहीं है। सूत्र का आरोप है कि बिलासपुर स्थित CMD कार्यालय में भी इस समूह की “तूती बोलती है” और कोल इंडिया के चेयरमैन स्तर तक उसे अनुकूल व्यवहार मिलता है।   ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क इस कथन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। सूत्र का दावा किसी अधिकारी या कारोबारी का दोष सिद्ध नहीं करता। लेकिन आरोपों की गंभीरता ऐसी है कि इन्हें निष्पक्ष जाँच के बिना खारिज करना भी उचित नहीं होगा।

सरकारी फाइल है या प्रभावशाली लोगों की सुविधा का बहीखाता?

कोरबा सर्विस स्टेशन के भूमि अधिकार, संचालन और कथित हस्तांतरण से संबंधित सवालों का उत्तर दस्तावेजों से मिलना चाहिए। देवजानी मजुमदार की भूमिका क्या रही? तीवरता ग्रुप अथवा उससे संबंधित व्यक्तियों की वर्तमान भूमिका क्या है? किस अनुमति के आधार पर संचालन हो रहा है? शिकायतों पर किस अधिकारी ने क्या निर्णय लिया?   यदि सब कुछ नियमानुसार है, तो प्रबंधन अभिलेख सामने रखे। यदि उल्लंघन मिला है, तो कार्रवाई बताए। और यदि निर्णय लंबित है, तो उसका कारण स्पष्ट करे। सरकारी फाइल पर चुप्पी की चादर डाल देने से सवाल गायब नहीं होते।   इस प्रकरण में कथित बिचौलियों की सक्रियता का भी आरोप है। जाँच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि किसी व्यक्ति ने संचालकों और अधिकारियों के बीच संपर्क कर निर्णय प्रभावित करने का प्रयास किया या नहीं। निजी कारोबारी संपर्क अपने आप में अनुचित संरक्षण का प्रमाण नहीं हैं; लेकिन किसी संपर्क के कारण सरकारी कार्रवाई प्रभावित हुई हो, तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

आरोप शीर्ष स्तर तक—जाँच भी संबंधित निर्णयों से स्वतंत्र हो

जब आरोप GM–CGM, CMD कार्यालय और कोल इंडिया के शीर्ष स्तर तक पहुँचने का हो, तब जाँच की स्वतंत्रता निर्णायक हो जाती है। कोयला मंत्रालय से मांग है कि वह सक्षम स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से आरोपों का परीक्षण कराए और संबंधित अभिलेख तत्काल सुरक्षित करवाए।   जाँच का केंद्र केवल पेट्रोल पंप की फाइल न हो। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह भी देखा जाए कि संबंधित कारोबारी समूह को भूमि उपयोग, अनुमति या अन्य निर्णयों में कोई अनुचित लाभ मिला या नहीं। कथित बिचौलियों की भूमिका तथा अधिकारियों के संभावित हित-संघर्ष का परीक्षण हो। आर्थिक लाभ अथवा अनुचित लेन-देन के ठोस संकेत मिलने पर संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति विवरण की जाँच सक्षम एजेंसी से कराई जाए।

मांग स्पष्ट है: आरोपों की तह तक जाइए, फाइलों का रास्ता खोलिए

 

कोयला मंत्रालय और सक्षम सतर्कता प्राधिकारी से मांग है कि—

– कोरबा सर्विस स्टेशन की भूमि, लीज, अनुमति और संचालन संबंधी मूल अभिलेख सुरक्षित किए जाएँ।
– देवजानी मजुमदार और तीवरता ग्रुप की कथित भूमिका का दस्तावेजों से सत्यापन हो।
– शिकायतों पर तारीखवार कार्रवाई, फाइल टिप्पणियों और निर्णय में देरी के कारणों की जाँच हो।
– लागू न्यायालयीन आदेशों और उनके अनुसार प्रबंधन द्वारा उठाए गए कदमों की स्थिति स्पष्ट की जाए।
– कथित बिचौलियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका का साक्ष्य आधारित परीक्षण हो।
– अनियमितता प्रमाणित होने पर कारोबारी पक्षों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

चुप्पी आरोपों का प्रमाण नहीं—लेकिन जवाबदेही से छुट्टी भी नहीं

SECL प्रबंधन की चुप्पी को आरोपों की स्वतः पुष्टि नहीं माना जा सकता। दोष का निष्कर्ष प्रमाण और निष्पक्ष जाँच से निकलेगा। फिर भी सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े प्रश्नों पर स्पष्ट उत्तर देना प्रबंधन की जिम्मेदारी है।   कोयले की कालिख से अपना दामन साफ दिखाने का रास्ता बयानबाजी से नहीं, खुली जाँच और दस्तावेजों से निकलेगा। SECL प्रबंधन बताए—कोरबा सर्विस स्टेशन के मामले में निर्णय कानून और अभिलेखों से हो रहा है या कथित रसूख उसकी दिशा तय कर रहा है?  संबंधित SECL अधिकारियों, CMD कार्यालय, कोल इंडिया, देवजानी मजुमदार और तीवरता ग्रुप का पक्ष प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। ऊपर वर्णित प्रभाव, संरक्षण और कार्रवाई रोकने के आरोप स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हैं।

संपादक – अब्दुल सुल्तान
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क

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