राज्य समाचार

कोरबा DMF फाइल्स — एपिसोड 03

Spread the love

 

752 काम CANCEL! आखिर क्यों? पैसा निकला तो वापस कितना आया?

CAG की रिपोर्ट में कोरबा के रद्द कार्यों का चौंकाने वाला आंकड़ा—कुछ काम दूसरी योजनाओं में भी स्वीकृत होने का उल्लेख

Korba समेत 6 जिलों की एजेंसियों ने ₹89.09 करोड़ DMF Trust में लौटाए—लेकिन अकेले कोरबा का हिस्सा कितना?

अब ‘Refund Ledger’ खोलेगा असली हिसाब

 

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

कोरबा।   ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क की दस्तावेजी पड़ताल “कोरबा DMF फाइल्स” की तीसरी कड़ी उस आंकड़े पर पहुंची है, जिसे सामान्य administrative cancellation मानकर नजरअंदाज करना आसान नहीं है।  भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक CAG की Performance Audit में कोरबा के— 752 DMF कार्य CANCELLED दर्ज हैं।  और यही संख्या अब कई बड़े सवाल पैदा कर रही है।

 

काम स्वीकृत क्यों हुए?

कितनी राशि जारी हुई?

काम शुरू हुआ या नहीं?

कितना खर्च हुआ?

कितना पैसा वापस आया?

और सबसे महत्वपूर्ण—कुछ वही काम दूसरी योजना में क्यों स्वीकृत हुए?

 

CAG के आंकड़ों में Korba सबसे ऊपर CAG ने 2015-16 से 2023-24 के audited period में sampled DMFTs के cancelled works का परीक्षण किया।  इसमें Korba में 752 works cancelled दर्ज हुए—sampled districts में सबसे अधिक।  752 केवल एक संख्या नहीं है।  हर cancelled work के पीछे एक administrative sanction, implementing agency और संभवतः fund-release की अलग financial trail हो सकती है।

इसलिए अब जांच केवल—। “काम क्यों रद्द हुआ?”तक सीमित नहीं रह सकती।

बल्कि— “रद्द होने से पहले उस काम पर कितना पैसा निकला?” यह जानना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

 

CAG ने बताए cancellation के कारण। CAG ने cancelled works के कारणों में अलग-अलग परिस्थितियों का उल्लेख किया।  इनमें practical difficulties, implementing agencies द्वारा काम शुरू न करना अथवा देरी करना शामिल था।  लेकिन एक कारण हमारी जांच के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है—। “Same work sanctioned under another scheme” अर्थात कुछ मामलों में वही काम दूसरी योजना में स्वीकृत हो जाने के कारण DMF work cancel हुआ।  यहीं से इस जांच में Funding Overlap का दरवाजा खुलता है।

एक ही काम—दो योजनाएं?

यहां सावधानी जरूरी है।  किसी काम का दूसरी scheme में sanction होना अपने आप double payment या घोटाला सिद्ध नहीं करता।  संभव है DMF sanction समय रहते cancel कर दी गई हो और कोई DMF payment ही न हुआ हो।   लेकिन यदि पहले DMF से पैसा release हुआ और बाद में वही काम दूसरी योजना से finance हुआ, तो आगे यह देखना अनिवार्य है—

DMF की पूरी राशि वापस हुई या नहीं?

कितना खर्च पहले हो चुका था?

दूसरी योजना में कितनी राशि स्वीकृत हुई?

क्या दोनों तरफ एक ही component था?

यही 752-work forensic audit का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।  ₹89.09 करोड़ वापस—CAG की महत्वपूर्ण finding। CAG ने audit के बाद State Government द्वारा दी गई refund स्थिति का भी उल्लेख किया।  रिपोर्ट के अनुसार Bastar, Bemetara, Korba, Mungeli, Raigarh और Raipur की implementing agencies ने cancelled works से संबंधित कुल—₹89.09 करोड़ DMF Trust accounts में वापस जमा किए। यानी cancelled projects में पैसा agencies तक पहुंचने और बाद में refund होने का मामला वास्तविक सरकारी audit record में दर्ज है। लेकिन यहीं सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है।

₹89.09 करोड़ में अकेले KORBA का कितना?

Published CAG chapter छह जिलों की संयुक्त refund राशि बताता है।  लेकिन हमारी अब तक की सार्वजनिक दस्तावेजी खोज में इसका Korba-specific work-wise breakup सामने नहीं आया।  और यही अब इस एपिसोड का सबसे बड़ा missing document है।

752 कामों में कोरबा ने कुल कितना पैसा वापस लिया?

₹5 करोड़?

₹20 करोड़?

₹40 करोड़?

या कोई और राशि?

बिना मूल refund statement के कोई आंकड़ा मान लेना गलत होगा।  इसलिए अब आवश्यक है—। “DMFT Korba — Cancelled Works Work-wise Refund Statement”

 

सिर्फ मूलधन नहीं—ब्याज का भी हिसाब!

CAG की टिप्पणी इस मामले को और महत्वपूर्ण बनाती है।  Audit ने cancelled works के संबंध में implementing agencies के पास पड़ी शेष राशि के साथ उस पर अर्जित interest की recovery पर भी जोर दिया।

इसका अर्थ है कि forensic calculation केवल—  Sanction – Expenditure = Refund। नहीं होगी।

बल्कि—  Release – Actual Expenditure + Applicable/earned Interest = Amount Recoverable। की भी जांच करनी होगी।

पहली किश्त ली… काम शुरू नहीं?

सरकारी रिकॉर्ड में पुराने DMF कार्यों को लेकर प्रशासन द्वारा ऐसी implementing agencies की जानकारी मांगने का उल्लेख भी मिलता है जिन्होंने पहली किस्त प्राप्त करने के बाद काम शुरू नहीं किया।  प्रशासन ने ऐसे मामलों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।  बाद के सरकारी निर्देशों में पुराने अप्रारंभ कार्यों को निरस्त करने और पहले लंबित काम पूरा करने पर जोर भी दिखाई देता है।  यानी non-started/pending works की समस्या केवल CAG की बाद की observation नहीं थी। प्रशासनिक स्तर पर भी इसका संज्ञान लिया गया था।  अब 752 कामों को पांच हिस्सों में बांटना होगा

पूरी सूची मिलने के बाद ग्राम यात्रा की जांच प्रत्येक cancelled work को अलग category में रखेगी:

काम शुरू ही नहीं हुआ — पैसा release हुआ या नहीं?

काम शुरू हुआ लेकिन अधूरा रहा — कितना खर्च हुआ?

दूसरी योजना में sanction हुआ — कौन-सी scheme और कितनी राशि?

Technical/Practical reason से रद्द हुआ — DPR/feasibility पहले क्यों नहीं जांची गई?

Agency delay/default — recovery/penalty हुई या नहीं?

तभी 752 की संख्या के पीछे वास्तविक वित्तीय तस्वीर सामने आएगी।

सबसे बड़ा खतरा—‘Sanction से Sanction’ का खेल तो नहीं?

DMF का पैसा सार्वजनिक धन है।  यदि एक project पहले DMF से sanction हुआ, फिर वही काम State Budget, Central Scheme, CSR, Finance Commission अथवा किसी अन्य सरकारी योजना में चला गया, तो दोनों files को cross-check करना जरूरी है।

इसीलिए हमारी आगे की जांच में हर cancelled work को इनसे मिलाया जाएगा—

DMF | State Scheme | Central Scheme | NHM/DME | Finance Commission | CSR | NCAP एवं अन्य funding sources। लेकिन किसी मामले को double funding तभी कहा जाएगा जब same asset/component के लिए overlapping financial release/payment का दस्तावेजी प्रमाण मिले।

752 कामों की पूरी सूची सार्वजनिक होनी चाहिए

जनहित में अब DMFT Korba से कम-से-कम यह जानकारी सामने आनी चाहिए—

Work ID और काम का नाम
गांव/स्थान
Administrative Sanction
Sanctioned Amount
Implementing Agency
Amount Released
Actual Expenditure
Cancellation Date
Cancellation Reason
Refund Amount और Date
Interest Recovered
यदि दूसरी योजना में गया तो Scheme/Sanction Number।

इस एक register से करोड़ों रुपये का हिसाब साफ हो सकता है।  और इसी बीच ₹529.24 करोड़ के 1,498 नए काम!  यह प्रश्न इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि FY 2025-26 में Korba DMF में फिर 1,498 कार्यों को ₹529.24 करोड़ की administrative sanction की reporting सामने आती है।  अर्थात पुराने 752 cancelled works की पूरी accountability समझे बिना नया expenditure universe सैकड़ों करोड़ तक पहुंच चुका है।

इसलिए सवाल सीधा है—। पुराने रद्द कामों का पूरा हिसाब हुआ या नहीं?

और यदि हुआ— तो वह Work-wise Refund Ledger जनता के सामने क्यों न आए?

ग्राम यात्रा की पड़ताल का अगला कदम अब हमारी खोज 752 cancelled works की item-wise list और Korba-specific refund amount पर केंद्रित है।  क्योंकि छह जिलों का ₹89.09 करोड़ combined figure पूरी कहानी नहीं बताता।  असली कहानी उस spreadsheet/register में होगी जहां 752 पंक्तियों के सामने लिखा होगा—

कितना स्वीकृत—कितना जारी—कितना खर्च—कितना वापस।  और जिन entries के सामने लिखा होगा—। “Same work sanctioned under another scheme”। उनकी दूसरी sanction file भी खोली जाएगी।

अगले एपिसोड में—कागज पर ‘पूर्ण’, जमीन पर क्या?

DMF से करोड़ों खर्च कर बने Assets कहीं बेकार तो नहीं पड़े?

Art & Cultural Centre पर करोड़ों खर्च—फिर idle होने की CAG finding!

Biogas Power Plant पर खर्च—लेकिन audit में non-operational!

Completion Certificate मिल गया… लेकिन जनता को लाभ मिला या नहीं?

 

पढ़िए “कोरबा DMF फाइल्स — एपिसोड 04”

सिर्फ ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क पर।

नोट : ₹89.09 करोड़ Korba की अकेली refund राशि नहीं, बल्कि CAG में उल्लिखित छह जिलों की संयुक्त राशि है। इसी कारण Korba-specific breakup की मांग इस जांच का प्रमुख विषय है। किसी cancelled work को बिना overlapping release/payment के प्रमाण के double funding नहीं माना गया है।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button