राज्य समाचार

कोरबा में CSR का करोड़ों का खेल? कलेक्टर बोले – “जानकारी उपलब्ध नहीं”, BALCO के दावों पर उठे बड़े सवाल

Spread the love

विशेष खोजी रिपोर्ट

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क

कोरबा।

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

देश की अग्रणी औद्योगिक कंपनियों में शामिल BALCO (वेदांता समूह) की CSR गतिविधियों को लेकर एक ऐसा सवाल खड़ा हुआ है, जो केवल कोरबा ही नहीं बल्कि पूरे देश की कॉर्पोरेट जवाबदेही व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है।

एक ओर BALCO वर्षों से हजारों युवाओं को प्रशिक्षण देने, करोड़ों रुपये CSR पर खर्च करने और सामाजिक विकास में बड़ी भूमिका निभाने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर जब कोरबा जिला प्रशासन से पूछा गया कि जिले में संचालित उद्योगों द्वारा कितना CSR खर्च किया गया, तो जवाब मिला — “जानकारी उपलब्ध नहीं”

यहीं से शुरू होता है करोड़ों रुपये के CSR फंड का सबसे बड़ा सवाल।


12,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण का दावा, लेकिन कितनों को मिला रोजगार?

BALCO और वेदांता स्किल स्कूल के विभिन्न प्रकाशनों और प्रेस विज्ञप्तियों में 12,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करने का दावा किया गया है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि —

  • इन 12,000 युवाओं में से कितनों को स्थायी रोजगार मिला?
  • कितनों को BALCO या वेदांता समूह में नौकरी मिली?
  • कितनों को केवल प्रमाण पत्र देकर आंकड़ों में शामिल कर लिया गया?
  • क्या इनकी सूची सार्वजनिक है?

आज तक इन सवालों का स्पष्ट जवाब सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध नहीं है।


BALCO की अपनी रिपोर्ट ने खड़े किए नए सवाल

BALCO की वार्षिक रिपोर्ट 2022-23 के अनुसार वेदांता स्किल स्कूल में संचालित 28 प्रशिक्षण बैचों में से 15 बैच विभिन्न सरकारी योजनाओं, साझेदारी कार्यक्रमों और प्रायोजनों के माध्यम से संचालित हुए थे।

अर्थात् लगभग 53.6 प्रतिशत प्रशिक्षण कार्यक्रम सरकारी अथवा बाहरी वित्तीय सहायता से जुड़े थे।

अब बड़ा प्रश्न यह उठता है कि—

  • यदि प्रशिक्षण सरकारी योजनाओं के धन से हुआ तो क्या उसे BALCO के CSR खर्च के रूप में दर्शाया जा सकता है?
  • क्या सरकारी अनुदान और CSR उपलब्धियों को अलग-अलग प्रदर्शित किया गया है?
  • क्या जिला प्रशासन और विधानसभा को इसकी जानकारी दी गई?

कलेक्टर कार्यालय के पास CSR का हिसाब नहीं, फिर निगरानी कौन कर रहा है?

कोरबा जैसे औद्योगिक जिले में BALCO, NTPC, SECL और कई बड़ी कंपनियां संचालित हैं।

ऐसे में यदि जिला प्रशासन के पास CSR खर्च का समेकित विवरण उपलब्ध नहीं है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

जनता पूछ रही है—

  • आखिर करोड़ों रुपये का CSR खर्च कहां हो रहा है?
  • किस गांव में कितना खर्च हुआ?
  • कौन-सा काम किस मद से किया गया?
  • किसे लाभ मिला?
  • किस एजेंसी ने उसका मूल्यांकन किया?

विधानसभा को भी चाहिए जवाब

यह विषय केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है।

यदि कोई निजी उद्योग राज्य सरकार की भूमि, पानी, खनिज, विद्युत रियायतों और कौशल विकास योजनाओं का लाभ ले रहा है, तो उसके CSR खर्च की सार्वजनिक जवाबदेही भी उतनी ही आवश्यक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की लोक लेखा समिति, अनुमान समिति तथा संबंधित विभाग इस विषय पर तथ्यात्मक जानकारी मांग सकते हैं।


जनता का सीधा सवाल

कोरबा की जनता जानना चाहती है—

  • ✅ CSR पर कुल कितना खर्च हुआ?
  • ✅ प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की सूची क्या है?
  • ✅ कितनों को रोजगार मिला?
  • ✅ सरकारी अनुदान और CSR खर्च का पृथक लेखा-जोखा क्या है?
  • ✅ जिला प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं है?

उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज

इस पूरे मामले में अब मांग उठ रही है कि—

  • जिला प्रशासन विशेष जांच दल गठित करे।
  • छत्तीसगढ़ शासन CSR और सरकारी अनुदानों का स्वतंत्र ऑडिट कराए।
  • वर्ष 2014 से अब तक के CSR व्यय का सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) कराया जाए।
  • प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं और रोजगार प्राप्त लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाए।
  • यदि कहीं आंकड़ों में विसंगति है तो उसकी निष्पक्ष जांच हो।

सबसे बड़ा सवाल

“BALCO का दावा 12,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने का है, लेकिन इनमें से कितनों को रोजगार मिला?”

जब तक this सवाल का दस्तावेज़ी और सार्वजनिक उत्तर नहीं मिलता, तब तक CSR की चमकदार रिपोर्टों और जमीनी वास्तविकता के बीच का अंतर सवालों के घेरे में रहेगा।


ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क

“जनहित में सवाल, जवाबदेही की मांग”

(नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध दस्तावेजों, सार्वजनिक अभिलेखों और कंपनी की प्रकाशित रिपोर्टों में वर्णित तथ्यों के आधार पर उठाए गए जनहित संबंधी प्रश्नों पर आधारित है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सक्षम प्राधिकार द्वारा स्वतंत्र जांच आवश्यक है।)

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button