साफ-सुथरा निगम, व्यवस्थित कार्यालय और सम्मानजनक नागरिक सेवा

महापौर संजू देवी राजपूत का साकेत भवन में औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सख्त तेवर — स्वच्छता, व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को लेकर दिए कड़े निर्देश
कोरबा, ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्युज नेटवर्क। 27 मई 2026। नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने बुधवार को निगम मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत भवन का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने निगम के विभिन्न विभागों और शाखाओं में पहुंचकर स्वच्छता, कार्यालयीन व्यवस्थाओं, दस्तावेजों के रख-रखाव, फर्नीचर, कूलर तथा आम नागरिकों के बैठने की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान महापौर का रुख पूरी तरह सख्त और स्पष्ट दिखाई दिया। कार्यस्थल से अनुपस्थित मिले
अधिकारी-कर्मचारियों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जो शहर को स्वच्छ रखता है, उसका कार्यालय भी स्वच्छ दिखना चाहिए
महापौर राजपूत ने निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब निगम का अमला पूरे शहर की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को संभालने का दायित्व निभा रहा है, तब स्वयं उनके कार्यस्थल की स्वच्छता और अनुशासन भी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने विभिन्न शाखाओं में फैली अव्यवस्था, अस्त-व्यस्त फाइलों और दस्तावेजों के रख-रखाव पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि सभी नस्तियों और रिकॉर्ड का व्यवस्थित संधारण किया जाए ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेज तुरंत उपलब्ध हो सकें।
हर विभाग में पहुंचीं महापौर, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
महापौर ने निर्माण शाखा, स्थापना शाखा, लेखा शाखा, राजस्व विभाग, योजना शाखा, भवन निर्माण, संपदा, संपत्तिकर शाखा, स्वच्छता शाखा, जलकर विभाग, जन्म-मृत्यु पंजीयन, कैश शाखा, विधि विभाग, जनसंपर्क शाखा, स्टोर, उद्यान शाखा, विद्युत विभाग, डाटा सेंटर और परिषद शाखा सहित विभिन्न अधिकारियों के कक्षों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कई शाखाओं में फर्नीचर और मूलभूत सुविधाओं की कमी सामने आने पर महापौर ने आवश्यकतानुसार टेबल, कुर्सी, कूलर एवं अन्य संसाधनों की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही जहां आवश्यक हो वहां मरम्मत और सुधार कार्य कराने के भी आदेश दिए गए।
आम नागरिकों के सम्मान और सुविधा पर विशेष जोर
महापौर राजपूत ने निरीक्षण के दौरान सबसे ज्यादा जोर निगम कार्यालय आने वाले आम नागरिकों की सुविधा और सम्मानजनक व्यवहार पर दिया।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न कार्यों और समस्याओं को लेकर निगम कार्यालय आने वाले नागरिकों के बैठने की उचित व्यवस्था हर शाखा में सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों से संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का संतुष्टिपूर्ण समाधान प्राथमिकता के साथ किया जाए।
कामकाज में अनुशासन और जवाबदेही का स्पष्ट संदेश
महापौर के औचक निरीक्षण को निगम प्रशासन में अनुशासन, जवाबदेही और कार्य संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
निरीक्षण ने यह साफ संदेश दिया कि अब निगम कार्यालयों में लापरवाही, अव्यवस्था और गैरजिम्मेदाराना रवैये के लिए कोई जगह नहीं होगी।
नगर निगम में लंबे समय बाद इस तरह का सघन निरीक्षण चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे प्रशासनिक कार्यशैली में सुधार तथा नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने की गंभीर पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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