मिनटों में गुजरा VVIP का काफिला:घंटों रेंगता रहा शहर, ट्रैफिक मैनेजमेंट फेल, हर सड़क जाम

रायपुर- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दो दिवसीय प्रवास के दौरान रायपुर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। सुरक्षा के मद्देनजर काफिले के गुजरने वाले रास्तों पर 13 से ज्यादा सड़कें बंद कर दी गईं। कई जगह बांस-बल्ली और बैरिकेड्स लगाकर रास्ते रोक दिए गए।
इससे शहर के बड़े हिस्से में जाम लग गया। शंकर नगर, सिविल लाइंस, ओसीएम, महिला थाना और बूढ़ापारा में लोग एक-एक घंटे तक फंसे रहे। जाम में एंबुलेंस भी फंस गई। एक बच्ची को आगे जाने से रोक दिया गया। वह रोती रही, लेकिन उसे लौटना पड़ा।
वीवीआईपी मूवमेंट से करीब 45 मिनट पहले ही सड़कें बंद कर दी गईं। काफिला गुजरने के तीन मिनट बाद रास्ते खोल दिए गए, लेकिन तब तक वाहनों की कतारें लग चुकी थीं। ट्रैफिक की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में रही। कई प्रमुख चौक और सड़कों पर जवान नजर नहीं आए, जिससे लोग जाम में फंसे रहे।
शंकर नगर में काफिला गुजरने के बाद भी जाम :
शंकर नगर एक्सप्रेस-वे ब्रिज के नीचे सुबह 11.30 बजे से यातायात रोक दिया गया। इससे एक किलोमीटर से ज्यादा लंबा जाम लग गया। एक्सप्रेस-वे की सर्विस रोड भी बंद कर दी गई, जबकि यह शहर की व्यस्त सड़कों में शामिल है।
एसआरपी (भगत सिंह) चौक, कलेक्टोरेट चौक, आकाशवाणी चौक, महिला थाना, कालीबाड़ी और बूढ़ेश्वर चौक पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। राष्ट्रपति को दोपहर 3.20 बजे स्टेडियम के लिए रवाना होना था, लेकिन पुलिस ने 3 बजे ही सड़कें बंद कर दीं। उनका काफिला 3.50 बजे निकला। इस दौरान लोग रास्तों पर फंसे रहे।
काफिला नहीं गुजरा, फिर भी जाम कई चौराहों से गायब रही पुलिस
राष्ट्रपति का काफिला नहीं गुजरने वाले इलाकों में भी लोग जाम से परेशान रहे। वीआईपी रोड, जेल रोड, अंबेडकर अस्पताल रोड, केनाल रोड, पुरानी बस्ती, सदर बाजार, मोतीबाग और शंकर नगर टर्निंग पॉइंट तक यातायात प्रभावित रहा। मुख्य सड़कों से जुड़े रास्तों पर बैरिकेड्स लगाए गए थे।
सुबह 11 बजे पंडरी थाने के सामने जाम लगा, लेकिन ट्रैफिक पुलिस नहीं पहुंची। टिकरापारा, पुरानी बस्ती, शारदा चौक और फाफाडीह में भी जवान नजर नहीं आए। कई जगह पुलिस बल हटने से परेशानी बढ़ी। अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रपति की सुरक्षा का प्रोटोकॉल सर्वोच्च है। काफिले के आगे-पीछे अन्य वाहनों को अनुमति नहीं होती। इसलिए रास्ते बंद किए गए और काफिला गुजरते ही खोल दिए गए।
- 30 हजार से ज्यादा लोग शहर में जाम से जूझते रहे।
- 250 जवान VIP की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए किए तैनात।

ट्रैफिक में फंसी तो रोने लगी बच्ची
10 साल की आर्या परिचित के घर जा रही थी। आकाशवाणी चौक पर पुलिस ने उसकी गाड़ी रोक दी। घर महज 200 मीटर दूर था, लेकिन पैदल जाने पर भी उसे खदेड़ दिया गया। इसी तरह आकाशवाणी की कर्मचारी मिन्नतें करती रहीं, फिर भी पुलिस ने आगे नहीं जाने दिया। इससे उन्हें ड्यूटी पहुंचने में देर हुई। कई जगह स्कूली बच्चे जाम में फंसे रहे। लोगों को रास्ता बदलकर लंबा चक्कर लगाना पड़ा। इससे आवाजाही में काफी परेशानी हुई।

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