कोरबा जिले के कटघोरा में अधिवक्ताओं का अल्टीमेटम: मुख्य मार्ग पर संचालित ‘मुरली होटल’ को तत्काल बंद कराने की मांग, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

विशेष रिपोर्ट | ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क
कोरबा। कटघोरा अधिवक्ता संघ ने शहर के मुख्य मार्ग पर संचालित एक होटल के संचालन को लेकर गंभीर आपत्ति जताते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि न्यू बस स्टैंड, कटघोरा मुख्य मार्ग के पास संचालित “मुरली होटल” का संचालन आमजन की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और स्वच्छता के लिए गंभीर समस्या बन गया है।
अधिवक्ता संघ द्वारा दिए गए पत्र के अनुसार होटल के सामने मुख्य मार्ग पर वाहन खड़े किए जाने से सड़क पर आवागमन बाधित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस क्षेत्र में पूर्व में सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं तथा यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
यातायात नियमों के उल्लंघन का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि होटल के सामने वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से मुख्य सड़क संकरी हो जाती है, जिससे भारी वाहनों और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी होती है। अधिवक्ता संघ का कहना है कि इससे प्रतिदिन जाम जैसी स्थिति बनती है और सड़क सुरक्षा प्रभावित होती है।
स्वच्छता को लेकर भी उठाए सवाल
शिकायत में यह भी कहा गया है कि होटल से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों के निस्तारण की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। आरोप है कि गंदा पानी एवं अपशिष्ट आसपास की नाली में छोड़ा जाता है, जिससे दुर्गंध फैलने और स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
तत्काल कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता संघ ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए होटल के संचालन के संबंध में तत्काल जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो अधिवक्ता संघ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
26 जुलाई से आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन के अनुसार, यदि प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो 26 जुलाई 2026 (रविवार) को अधिवक्ता संघ द्वारा संबंधित प्रतिष्ठान के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रशासन की कार्रवाई पर रहेगी नजर
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर क्या निर्णय लेते हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है, जबकि यदि आरोप पुष्ट नहीं होते तो प्रशासन अपना पक्ष स्पष्ट कर सकता है।
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है और प्रशासन की अगली कार्रवाई से पाठकों को अवगत कराएगा।
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