अच्छी ख़बरराज्य समाचार

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2026: ‘राम-नामी’ बनी सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को मिला राष्ट्रीय सम्मान

Spread the love

 

रायपुर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म का पुरस्कार दिया गया है। इस उपलब्धि पर पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक भरतबाला गणपति और पूरी निर्माण टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

संस्कृति मंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म की सफलता नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को राष्ट्रीय मंच पर मिली बड़ी पहचान है। उनके अनुसार, इस उपलब्धि से प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता को नई प्रतिष्ठा मिलेगी और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को भी नई गति मिलेगी।

 

राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामनामी समाज अपनी अनूठी परंपराओं, भगवान श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा, सादगीपूर्ण जीवनशैली और सामाजिक समरसता के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। शरीर पर श्रीराम का नाम अंकित कराने की परंपरा इस समाज की सबसे विशिष्ट पहचान है, जो भक्ति, समानता और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री ‘राम-नामी’ ने इन परंपराओं और जीवन दर्शन को बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया है, जिससे देश-दुनिया का ध्यान इस अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत की ओर आकर्षित हुआ है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, जनजातीय एवं पारंपरिक विरासत, लोककलाओं और आध्यात्मिक परंपराओं को देश और विदेश में नई पहचान मिलेगी। इससे न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक छवि मजबूत होगी, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने के लिए प्रेरित होगी।

 

संस्कृति मंत्री ने विश्वास जताया कि इस उपलब्धि के बाद प्रदेश की लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत पर आधारित रचनात्मक कार्यों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रयास होते रहने चाहिए, ताकि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी और अधिक सशक्त होकर उभरे।

अंत में उन्होंने निर्देशक भरतबाला गणपति और पूरी निर्माण टीम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली प्रेरणादायी उपलब्धि है। यह सम्मान प्रदेश के कलाकारों, संस्कृति प्रेमियों और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button