राखड़ की अवैध डम्पिंग पर कलेक्टर कुणाल की दो टूक, प्लांट प्रबंधन से लेकर एजेंसी तक की तय होगी जवाबदेही!

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने फ्लाई ऐश की अवैध डम्पिंग पर सख्त निर्देश दिए। प्लांट प्रबंधन, परिवहनकर्ता और एजेंसी की तय होगी जवाबदेही, लगेगी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति।
कोरबा। कोरबा में फ्लाई ऐश के बेतरतीब परिवहन और अवैध डम्पिंग पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने ताप विद्युत संयंत्रों के प्रबंधन को साफ शब्दों में चेताया है कि राखड़ का परिवहन, उपयोग और निपटान नियमों के मुताबिक ही होगा। अवैध डम्पिंग मिली तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी ताप विद्युत संयंत्रों के अधिकारियों और फ्लाई ऐश परिवहनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।
पोर्टल पर पंजीकृत वाहन से ही चलेगी राखड़
कलेक्टर ने निर्देश दिया कि फ्लाई ऐश का परिवहन IWMMIS पोर्टल में पंजीकृत वाहनों से ही किया जाए। प्लांट से निकलने के बाद राखड़ कहां जा रही है, किस वाहन से जा रही है और उसका उपयोग अथवा निपटान नियमानुसार हो रहा है या नहीं, इसकी प्रभावी निगरानी की जिम्मेदारी प्लांट प्रबंधन की होगी।
यत्र-तत्र डम्पिंग मिली तो प्लांट भी घेरे में
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दो टूक कहा कि परिवहन के दौरान लापरवाही हुई और फ्लाई ऐश जिले में किसी अनुपयुक्त स्थान पर अवैध रूप से डम्प मिली तो सिर्फ वाहन चालक या परिवहनकर्ता पर कार्रवाई करके मामला खत्म नहीं होगा।
संबंधित ताप विद्युत संयंत्र के प्रबंधन की जवाबदेही भी तय की जाएगी और नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की कार्रवाई होगी।
वाहन, फर्म और एजेंसी पर भी कार्रवाई
अवैध डम्पिंग में इस्तेमाल वाहन और उससे जुड़ी फर्म अथवा एजेंसी भी कार्रवाई के दायरे में आएगी। प्रशासन ने ऐसे मामलों में प्रकरण दर्ज करने और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यानी प्रशासन का संदेश साफ है, राखड़ उठाने से लेकर उसके अंतिम उपयोग या निपटान तक पूरी चेन की निगरानी होगी।
पर्यावरण को लेकर प्रशासन सख्त
कलेक्टर ने कहा कि फ्लाई ऐश का सुरक्षित और नियमों के अनुरूप प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी ताप विद्युत संयंत्रों को नियमों का कड़ाई से पालन करने और अवैध डम्पिंग की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी प्रसन्ना सोनकर, RTO अतुल असैया सहित जिले के विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों के अधिकारी, प्रतिनिधि और फ्लाई ऐश परिवहनकर्ता मौजूद रहे।
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