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बारिश के बाद बिजली संकट गहराया: कोरबी में ट्रांसफार्मर जला, मोरगा और सराईडीह में 15 दिनों से बिजली गुल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

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कोरबा । मानसून की बारिश शुरू होते ही जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था चरमराने लगी है। लगातार ट्रिपिंग, फॉल्ट और ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाओं से उपभोक्ता परेशान हैं। कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है, जबकि कुछ क्षेत्रों में पिछले 15 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। नाराज ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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बरपाली वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले पहंदा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव सराईडीह में पिछले 15 दिनों से बिजली आपूर्ति बंद है। बिजली नहीं मिलने से परेशान ग्रामीण बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे बरपाली वितरण केंद्र के बिजली कार्यालय पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।

 

 

 

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक बिजली व्यवस्था बहाल नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उनका आरोप है कि बिजली विभाग केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा।

इधर पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के कोरबी में स्कूल मोहल्ला के पास ट्रांसफार्मर जल जाने से आसपास के कई मोहल्लों में पिछले दो दिनों से अंधेरा पसरा हुआ है। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण सैकड़ों परिवारों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।

 

 

मोरगा क्षेत्र में भी दिनभर बिजली ट्रिपिंग और रात के समय घंटों बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बारिश के बाद से बिजली आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है, जिससे घरेलू कार्यों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

बिजली विभाग के अनुसार, बरपाली वितरण केंद्र के सब-स्टेशन से पहंदा ग्राम पंचायत सहित आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। पड़ोसी जिले के चांपा स्थित सब-स्टेशन से 33 केवी लाइन के माध्यम से बरपाली सब-स्टेशन को बिजली मिलती है। बारिश के दौरान फॉल्ट आने से सुधार कार्य में समय लग रहा है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि सराईडीह में केवल लोकल फॉल्ट होने के बावजूद 15 दिनों तक बिजली बहाल नहीं होना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।

 

 

बिजली संकट का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित हैंडपंपों में बोरवेल लगाए जाने के कारण बिजली नहीं रहने पर पानी की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। कोरबी में सरकारी बोरवेल को जनरेटर के माध्यम से चलाकर लोगों को पानी उपलब्ध कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली आपूर्ति नियमित नहीं हुई तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में प्रस्तावित नए सब-स्टेशन का निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत मिल सके। साथ ही खराब ट्रांसफार्मर को तत्काल बदलने और सराईडीह सहित प्रभावित गांवों में शीघ्र बिजली बहाल करने की मांग भी की गई है।

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