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BALCO के संपत्ति कर में बड़ा सवाल: 10.61 करोड़ जमा दिखाए, पर DPS, अस्पताल और स्टेडियम का कर कहां गया?

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विशेष खोजी रिपोर्ट

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क
कोरबा/छत्तीसगढ़

कोरबा नगर निगम के राजस्व से जुड़े दस्तावेज़ों ने BALCO–Vedanta प्रबंधन की कर अनुपालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2024-25 के संपत्ति कर विवरण में BALCO ने कुल ₹10,61,11,206 नेट देय राशि दर्शाई है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार BALCO टाउनशिप से जुड़े तीन महत्वपूर्ण परिसरों — दिल्ली पब्लिक स्कूल BALCO, अंबेडकर स्टेडियम और BALCO अस्पताल — का उल्लेख कर भुगतान नहीं दिखाया गया है।

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सवाल सीधा है: जब छोटे व्यापारी, आम नागरिक और गृहस्वामी संपत्ति कर देते हैं, तो इतने बड़े औद्योगिक समूह से जुड़े इन परिसरों का कर नगर निगम के खाते में क्यों नहीं दिख रहा?

रिपोर्ट के अनुसार BALCO ने 396 संपत्तियों का विवरण दिया है, जिसमें टाउनशिप, पावर प्लांट, सब स्टेशन, गेस्ट हाउस, औद्योगिक भवन, कूलिंग टावर और अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं। इसके बावजूद DPS, अस्पताल और अंबेडकर स्टेडियम जैसे बड़े सार्वजनिक/संस्थागत ढांचे अनुपस्थित बताए गए हैं।

सबसे बड़ा सवाल DPS BALCO को लेकर है। दस्तावेज़ में उल्लेख है कि यह परिसर पहले केंद्रीय विद्यालय था, पर वर्ष 2012 के बाद दिल्ली पब्लिक स्कूल के रूप में संचालित हुआ। यदि यह निजी शैक्षणिक संस्था के रूप में चल रहा है, तो क्या इसे सरकारी संस्थान की तरह पूर्ण छूट मिल सकती है? रिपोर्ट का दावा है कि छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम की धारा 136 के तहत निजी कंपनी को ऐसी स्वतः छूट नहीं मिलती।

BALCO अस्पताल पर भी सवाल गंभीर है। यदि अस्पताल पूर्ण रूप से सार्वजनिक चैरिटी के रूप में पंजीकृत नहीं है और मुख्य रूप से कंपनी कर्मचारियों व उनके परिवारों की सुविधा से जुड़ा है, तो संपत्ति कर छूट का आधार क्या है? क्या निगम ने इसकी जांच की?

अंबेडकर स्टेडियम के मामले में भी रिपोर्ट कहती है कि यह BALCO टाउनशिप के भीतर स्थित है। यदि यह आम जनता के लिए स्वतंत्र रूप से खुला सार्वजनिक मैदान नहीं है, तो क्या इसे कर छूट मिलनी चाहिए?

रिपोर्ट में तीनों संपत्तियों की संभावित वार्षिक कर देयता लगभग ₹5.25 लाख आंकी गई है। यदि पुराने वर्षों का आकलन जोड़ा जाए, तो बकाया राशि ब्याज और दंड सहित ₹2 से ₹3 करोड़ तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। हालांकि अंतिम राशि का निर्धारण नगर निगम के आधिकारिक सर्वे और मूल्यांकन से ही होगा।

यह मामला केवल कर वसूली का नहीं, बल्कि जनहित और राजस्व न्याय का है। कोरबा की जनता सड़क, नाली, सफाई, जल निकासी और मूलभूत सुविधाओं के लिए नगर निगम पर निर्भर है। ऐसे में यदि बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की परिसंपत्तियां कर दायरे से बाहर रह जाती हैं, तो नुकसान सीधे जनता और नगर निगम के खजाने को होता है।

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क यह मांग करता है कि नगर निगम को तत्काल BALCO की सभी 396 दर्ज संपत्तियों के साथ-साथ छोड़ी गई संभावित संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कराना चाहिए। DPS BALCO, BALCO अस्पताल और अंबेडकर स्टेडियम का स्वतंत्र मापांकन, कर निर्धारण, छूट के दावे की कानूनी जांच और बकाया राशि पर ब्याज-दंड सहित मांग पत्र जारी होना चाहिए।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन को भी इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेना चाहिए। क्योंकि सवाल यह है कि क्या कोरबा के राजस्व अधिकार पर चुपचाप चोट की जा रही है?

जनता पूछ रही है — जब आम नागरिक से कर वसूली में सख्ती होती है, तो BALCO–Vedanta जैसे बड़े औद्योगिक समूह के मामले में नरमी क्यों?

क्या यह राजस्व चूक है, प्रशासनिक लापरवाही है या फिर प्रभावशाली औद्योगिक प्रबंधन के सामने व्यवस्था मौन है?

अब गेंद नगर निगम, जिला प्रशासन और राज्य सरकार के पाले में है।

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