कटघोरा वनमंडल में मनरेगा घोटाले का बड़ा खेल? नर्सरी में फर्जी मजदूरों के नाम पर लाखों की मजदूरी हड़पने का आरोप

कोरबा। कटघोरा वनमंडल के पसान वनपरिक्षेत्र से मनरेगा कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। अस्थाई रोपण वन प्रबंधन समिति गोलाबहरा द्वारा संचालित नर्सरी में फर्जी मजदूरों के नाम पर मस्टररोल भरकर शासकीय राशि के बंदरबांट का आरोप लगाया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह पूरा खेल जिम्मेदार अधिकारी (रेंजर पसान) और कर्मचारियों की मिलीभगत से संचालित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, नर्सरी में कार्यरत मजदूरों की सूची में ऐसे लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने कभी कार्यस्थल पर काम ही नहीं किया। आरोप है कि फर्जी नामों के आधार पर मस्टररोल तैयार कर मजदूरी की राशि खातों में डाली जा रही है और बाद में रकम निकालकर बांट ली जाती है। इससे वास्तविक जरूरतमंद ग्रामीणों को रोजगार से वंचित होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन गोलाबहरा नर्सरी में इस योजना की मंशा पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोपों के केंद्र में पसान वनपरिक्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी भी हैं, जिनके संरक्षण में यह पूरा खेल चलने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल शासकीय राशि की हेराफेरी का मामला होगा, बल्कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना की विश्वसनीयता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करेगा।
अब देखना होगा कि वन विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कथित भ्रष्टाचार के इस खेल पर कब तक कार्रवाई होती है।
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