RTI विवाद में नया मोड़: बालको वन परिक्षेत्र के जनसूचना अधिकारी जयंत सरकार पर गंभीर आरोप…

कोरबा। सूचना का अधिकार (RTI) प्रकरण में अब विवाद और गहरा गया है। आवेदक ने बालको वन परिक्षेत्र के वन क्षेत्रपाल एवं जनसूचना अधिकारी जयंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आवेदक का कहना है कि निरीक्षण के दौरान चिन्हित किए गए वित्तीय अभिलेखों में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद, संबंधित दस्तावेजों की प्रतिलिपि देने से बार-बार इंकार किया जा रहा है। आरोप है कि जनसूचना अधिकारी जानकारी उपलब्ध कराने के बजाय तकनीकी कारणों का सहारा लेकर मामले को टाल रहे हैं।
आवेदक ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को छुपाने का प्रयास कर रहे हैं और सूचना मांगने पर अनावश्यक आक्रामक रवैया अपना रहे हैं।
ज्ञात हो कि प्रथम अपील में वनमण्डलाधिकारी द्वारा अभिलेखों के निरीक्षण के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद आवेदक ने सीमित एवं स्पष्ट रूप से चिन्हित दस्तावेजों की प्रतियां मांगी थीं। इसके बावजूद सूचना न दिए जाने से RTI कानून के पालन पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, RTI अधिनियम के तहत निरीक्षण के बाद चिन्हित दस्तावेजों की प्रतिलिपि देना अनिवार्य दायित्व है, और इसे “श्रमसाध्य” बताकर टालना नियमों के विपरीत माना जाता है।
आवेदक ने मामले में उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप, सूचना निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा संबंधित अधिकारी के विरुद्ध जांच और कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाता है।
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