राज्य समाचार

विगत दो वर्षों में 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन, 804.77 करोड़ की राशि से 29.55 लाख श्रमिक लाभान्वित : श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन

रायपुर।    प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज पत्रकारवार्ता में श्रम विभाग की गतिविधियों, उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग के अधीन विभिन्न मंडलों द्वारा बीते दो वर्षों में कुल 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है, जिनमें 9.40 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक एवं 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल हैं।

 

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

 

मंत्री  देवांगन ने बताया कि श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित 71 योजनाओं के माध्यम से विगत दो वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। इसमें 28,49,167 निर्माण श्रमिकों को 653.75 करोड़ रुपये, 91,595 असंगठित श्रमिकों को 143.77 करोड़ रुपये तथा 14,592 संगठित श्रमिकों को 7.24 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। सभी हितलाभ केन्द्रीयकृत डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए जा रहे हैं।

 

 

श्रम मंत्री ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था के अंतर्गत कारखानों का निरीक्षण अब स्वचलित प्रणाली से किया जा रहा है। बीते दो वर्षों में प्रदेश के कारखानों में कारखाना अधिनियम के तहत 2218 निरीक्षण किए गए। नियमों के उल्लंघन पर 666 अभियोजन श्रम न्यायालय में दायर किए गए तथा 5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया।

 

 

उन्होंने जानकारी दी कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के अंतर्गत बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। वर्तमान में रायपुर, कोरबा, रायगढ़ एवं भिलाई में 100 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल संचालित हैं, जबकि बिलासपुर में नया अस्पताल प्रारंभ करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त राज्य में 43 ईएसआई औषधालय संचालित हैं तथा 4 नए औषधालय खोलने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

 

 

मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि भारत सरकार की अनुशंसा पर 17 बिजनेस रिफॉर्म्स को राज्य में लागू कर दिया गया है। छोटे व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 को अब 10 या उससे अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले संस्थानों पर लागू किया गया है।

 

उन्होंने बताया कि श्रम कानूनों में “नियत कालिक नियोजन कर्मकार” की नई श्रेणी का प्रावधान किया गया है, जिससे ऐसे कर्मचारियों को नियमित कर्मियों के समान वेतन-भत्ते एवं सुविधाएं मिल सकेंगी। महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए रात्रिपाली में महिलाओं के सशर्त नियोजन की अनुमति दी गई है। वहीं कारखाना लाइसेंस की वैधता अवधि 10 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई है।

 

 

श्रम मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर 4 नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं, जिनके अनुरूप राज्य में नियम बनाने की प्रक्रिया जारी है। नई श्रम संहिताओं से श्रमिकों को नियुक्ति पत्र, बेहतर न्यूनतम वेतन, वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण, महिला श्रमिकों को सभी क्षेत्रों में कार्य का अधिकार तथा गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण लाभ सुनिश्चित होंगे।

 

 

आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या उससे अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले संस्थानों पर लागू करने हेतु विधेयक पारित कर राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि ईएसआई सेवाओं के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी एवं बीरगांव औषधालयों का उन्नयन कर उन्हें मॉडल औषधालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए पृथक स्वास्थ्य परीक्षण योजना तथा उनके बच्चों को उच्च शिक्षा हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए “अटल कैरियर निर्माण योजना” प्रारंभ की जाएगी।

श्रम मंत्री ने बताया कि शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार करते हुए सभी जिलों में श्रम अन्न केंद्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं शिकायत निवारण एवं जन जागरूकता प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए मैसेजिंग सुविधा, मोबाइल नंबर सत्यापन और एआई आधारित एजेंटी प्रणाली शुरू की जाएगी, जिससे श्रमिक घर बैठे विभागीय पोर्टल पर अपनी शिकायतों की स्थिति जान सकेंगे। अंत में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने पत्रकारवार्ता में उपस्थित सभी मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button