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रजत जयंती वर्ष पर जिला स्तरीय किसान मेला का हुआ आयोजन

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर जिले में कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने और आधुनिक तकनीकों के प्रसार के उद्देश्य से राजीव गांधी ऑडिटोरियम, टी.पी. नगर, कोरबा में जिला स्तरीय किसान मेला का भव्य आयोजन किया गया।

 

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यह मेला एक्सटेंशन रिफॉर्म्स आत्मा योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका प्रमुख उद्देश्य किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देना, नवीन कृषि तकनीकों से जोड़ना और टिकाऊ खेती की दिशा में प्रेरित करना रहा।

मेले में जिले के पाँचों विकासखण्डों से 503 कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जिनमें कृषि उपकरण, उच्च गुणवत्ता वाले बीज, पौध सामग्री, जैविक खाद एवं जैविक उत्पादों की जानकारी दी गई। किसानों ने इन स्टॉलों से नवीन तकनीकों के व्यावहारिक प्रयोगों को समझा और उन्हें अपने खेतों में अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसल विविधीकरण, जैविक खाद निर्माण, कीट एवं व्याधि प्रबंधन, समन्वित पोषण प्रणाली, सिंचाई प्रबंधन और जल संरक्षण तकनीकों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि बदलते जलवायु परिस्थितियों में टिकाऊ खेती और मृदा स्वास्थ्य बनाए रखना भविष्य की जरूरत है, जिसके लिए वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कटघोरा विधायक  प्रेमचंद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएँ चला रही है। उन्होंने कहा कि आज खेती केवल परंपरा नहीं,

 

बल्कि विज्ञान का विषय बन चुकी है, इसलिए प्रत्येक किसान को नई तकनीकें अपनानी चाहिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ, जिससे उनकी आमदनी बढ़े और कृषि व्यवसाय को मजबूती मिले।

इस अवसर पर जिले के उन्नतशील कृषकों को शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, ताकि अन्य किसान भी उनके अनुकरण से प्रेरणा ले सकें। वहीं, उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने गांव-गांव जाकर किसानों तक तकनीकी जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

 

 

मत्स्य पालन विभाग द्वारा किसानों को जाल और उद्यानिकी विभाग द्वारा पौधों का वितरण किया गया, जिससे किसान आत्मनिर्भर बनकर वैकल्पिक आजीविका के साधनों को भी अपनाएँ। इस पहल का उद्देश्य किसानों को बहुआयामी विकास की दिशा में अग्रसर करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कृषकों ने अपने अनुभव साझा किए और नई तकनीकों को अपनाने के प्रति उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले उनके ज्ञान में वृद्धि करते हैं और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त होती है।

कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ  दिनेश नाग,  नरेंद्र देवांगन, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

 

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