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यूरिया की कालाबाजारी : पटेल कृषि केंद्र का खाद गोदाम सील

रायपुर (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। कृषि विभाग ने यूरिया खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के भानबेड़ा क्षेत्र के मेसर्स पटेल कृषि केंद्र के खाद गोदाम को सील कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कांकेर के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के भानबेड़ा क्षेत्र के किसानों से मेसर्स पटेल कृषि केंद्र भानबेड़ा के संचालक द्वारा यूरिया की किल्लत का नाजायज फायदा उठाते हुए तीन से चार गुनी कीमत पर यूरिया खाद बेचने की शिकायत प्राप्त हुई थी।

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शिकायत प्राप्त होते ही जांच टीम ने कृषि केंद्रों के गोदामों का निरीक्षण किया। इस दौरान यूरिया खाद की बिक्री के बारे में मौके पर मौजूद किसानों से पूछताछ कर छानबीन की गई। किसानों ने बताया कि कृषि केंद्र के संचालक द्वारा एक बोरी यूरिया खाद एक हजार रुपए के दर से बिक्री की जा रही है।

किसानों की शिकायत पर कृषि सेवा केंद्र के संचालक पंकज पटेल को बुलाया गया तो उसने भानबेड़ा से बाहर होने की जानकारी दी। कुछ देर बाद फोन से पुनः संपर्क करने पर उसका मोबाइल फोन स्विच-ऑफ बताया गया। संचालक के कृषि सेवा केन्द्र नहीं पहुंचने पर निरीक्षण टीम द्वारा ग्राम पंचायत की सरपंच ममता ठाकुर, उप सरपंच खेमलाल साहू, ग्राम पटेल दुर्योधन नरेटी एवं नाराज किसानों की उपस्थिति में आगामी आदेश तक खाद गोदाम को सील कर दिया गया।

कृषि विभाग ने कड़ी कार्यवाही की दी चेतावनी
कांकेर जिले में कृषि आदान विक्रय की कालाबाजारी को रोकने जिला प्रशासन द्वारा कृषि विभाग के उप संचालक जितेन्द्र सिंह कोमरा के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है। टीम द्वारा कालाबाजारी की शिकायतों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। कृषि अधिकारियों ने खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार द्वारा उर्वरकों की कीमत तय की गई है,

जिसका पालन करना सभी विक्रेताओं के लिए अनिवार्य है। कालाबाजारी बर्दास्त नहीं की जाएगी। अधिक दर पर खाद बेचने वाले दुकानदार किसानों के अधिकारों का हनन करते हैं, जो किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर करता है, इससे उनकी खेती और आय दोनों प्रभावित होती है। सरकार किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अधिक दर पर उर्वरक की बिक्री की जानकारी मिलने पर कृषि विभाग को सूचित करें, ताकि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सके।

 

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