राज्य समाचार

एसईसीएल दीपका खदान क्षेत्र में ब्लास्टिंग को लेकर सवाल, मानकता के अनुरूप नहीं हो रही ब्लास्टिंग

कोरबा(ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। एसईसीएल दीपका क्षेत्र में प्रतिदिन की जाने वाली ब्लास्टिंग को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएँ तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रबंधन द्वारा प्रतिदिन ब्लास्टिंग के लिए लगभग छह एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनके माध्यम से करीब 2000 टन बारूद की आपूर्ति खदान क्षेत्र में की जाती है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख संबंधित विभाग के दिशा-निर्देश में की जाती है, लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि ब्लास्टिंग मानकता के अनुरूप नहीं हो रही है। इसका असर हरदीबाजार क्षेत्र के आसपास बसे घरों और ढांचों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रही कंपन और झटकों से दीवारों में दरारें पड़ रही हैं और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सूत्र यह भी बताते हैं कि बारूद आपूर्ति और खपत को लेकर कई तरह की अनियमितताओं की चर्चा है। कहा जा रहा है कि प्रति टन करीब 145 रुपए का अंतर इस पूरे सिस्टम में बनाया जाता है, जिससे वास्तविक खपत और कागजों में दर्ज आंकड़ों में भिन्नता का संदेह पैदा होता है।

इसी कड़ी में, बारूद ले जाने वाले भारी वाहनों की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि जब वाहन खदान क्षेत्र में प्रवेश करते हैं तो उस समय उनमें लगी पानी की टंकियां (लगभग 800 से 1000 लीटर क्षमता वाली) पूरी तरह भरी होती हैं। लेकिन बारूद खाली करने के बाद जब वही वाहन वापस लौटते हैं और पुनः वजन किया जाता है तो टंकी खाली होने से वजन में अंतर आ जाता है। इस तरह से संदेह है कि इस पूरी प्रक्रिया में एक बड़ा खेल चल रहा है।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button