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हिरण मांस पकाने की तैयारी में थे 6 लोग, खून के धब्बे मिलने पर वन विभाग ने दबोचा

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गरियाबंद (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। उदंती सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिरण शिकार से जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से 26.65 किलोग्राम कच्चा चीतल (हिरण) मांस, कुल्हाड़ी, हंसिया, चाकू समेत कई काटने के औजार जब्त किए गए हैं। वहीं, हिरण को टक्कर मारने वाला वाहन चालक फरार है, जिसकी तलाश वन विभाग द्वारा की जा रही है।

अभ्यारण्य के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि कोयबा-इंदागांव मार्ग पर किसी अज्ञात वाहन द्वारा एक मादा चीतल को टक्कर मार दी गई है, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद तत्काल वन अमला घटनास्थल पर पहुंचा। मौके पर मृत हिरण के खून के धब्बे पाए गए, जिससे शिकार की पुष्टि हुई।

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जांच को आगे बढ़ाते हुए वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी शुरू की। इसी दौरान एक झोपड़ी से काटने के औजार, खून से सने कपड़े, और कपड़े में लिपटा हुआ कच्चा मांस बरामद हुआ। मांस को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पूछताछ में सामने आया कि मृत चीतल को ग्राम कोयबा के 6 ग्रामीण मौके से उठाकर झोपड़ी में लाए और सब्जी बनाने की तैयारी करने लगे।

वन विभाग की पूछताछ में मुख्य आरोपी जीवन लाल व. देवसिंह मांझी ने अन्य आरोपियों के नाम उजागर किए। इसके आधार पर पांच और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में जीवन लाल (37 वर्ष), रुपधर व. चैनसिंह (35 वर्ष), दीपचंद व. रामप्रसाद यादव (41 वर्ष), बिहारीलाल व. रामजी ध्रुव (48 वर्ष), खगेश्वर व. दुर्बल सोरी (50 वर्ष) और नाथूराम व. बैदराम मरकाम (72 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम कोयबा, थाना इंदागांव, जिला गरियाबंद के निवासी हैं।

अभ्यारण्य क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर यह कार्रवाई वन विभाग के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। आरोपी वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किए गए हैं। मामले की विवेचना जारी है, और फरार वाहन चालक की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

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