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भूपदेवपुर रेलवे स्टेशन पर कोयला प्रदूषण से हाहाकार

खरसिया (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के झारसुगुड़ा-बिलासपुर रेल लाइन के भूपदेवपुर रेलवे स्टेशन पर कोयला साइडिंग से उठने वाले जहरीले प्रदूषण ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। पिछले 6-7 वर्षों से जारी इस समस्या ने लोगों की सेहत पर बुरा असर डाला है, लेकिन रेलवे प्रशासन की उदासीनता के चलते स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। स्थानीय लोग कई बार इस समस्या को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

कोयले की धूल से हवा में जहर, लोगों का सांस लेना मुश्किल

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भूपदेवपुर रेलवे स्टेशन पर कोयला लोडिंग और अनलोडिंग के दौरान बड़ी मात्रा में कोयले की धूल हवा में फैल जाती है। तेज हवा के झोंकों के साथ यह जहरीली धूल लोगों के घरों और शरीर तक पहुंच रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस धूल के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, खांसी और दमा जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। स्टेशन के पास स्थित स्कूल के बच्चे भी इस प्रदूषण से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। स्कूल के शिक्षक और अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की तबीयत स्कूल पहुंचने से पहले ही बिगड़ जाती है। धूल के कारण बच्चों को लगातार खांसी, सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की समस्या हो रही है।

प्रदर्शन के बावजूद प्रशासन चुप,सफाई के नाम पर दिखावा

स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को लेकर कई बार रेलवे प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला, समस्या का समाधान नहीं। हाल ही में जब मीडिया की टीम के दौरे की खबर मिली तो आनन-फानन में स्टेशन की सफाई शुरू कर दी गई। लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही सफाई अभियान अधूरा रह गया।”प्रशासन को जब मीडिया के आने की खबर मिली तो सफाई कर्मियों को तुरंत बुला लिया गया। लेकिन स्टेशन की हालत इतनी खराब थी कि कुछ घंटों की सफाई से कोई फर्क नहीं पड़ा। सफाई कर्मियों ने केवल ऊपरी सफाई की, लेकिन असली समस्या जस की तस बनी रही।

स्थानीय जनता की दो टूक – या तो साइडिंग बंद करो, या समाधान लाओ

स्थानीय निवासियों ने रेलवे प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। लोगों का कहना है कि या तो कोयला साइडिंग को बंद किया जाए, या फिर प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने बताया है कि”हमने इस मुद्दे को लेकर कई बार आवाज उठाई, लेकिन हर बार प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया। अगर जल्द ही समाधान नहीं मिला तो हम बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब चुप बैठने का समय खत्म हो चुका है।

प्रशासन की चुप्पी से जनता में आक्रोश, आंदोलन की तैयारी

भूपदेवपुर स्टेशन पर कोयला प्रदूषण की समस्या से परेशान लोग अब आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर रेलवे प्रशासन ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो स्टेशन पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।”अब पानी सिर के ऊपर जा चुका है। हम प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन अब खुद न्याय के लिए लड़ना होगा। अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो हम रेलवे ट्रैक भव्य आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

 

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