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कलेक्टर ने किया घरौंदा के नये भवन का शुभारंभ

बिलासपुर (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। समाज कल्याण विभाग की घरौंदा परियोजना के पुरुष आश्रय भवन का लोकार्पण मंगलवार को कलेक्टर बिलासपुर अवनीश शरण ने किया। शासकीय अनुदान प्राप्त घरौंदा परियोजना का यह आवासीय भवन अंधमुक, बधिर शाला परिसर तिफरा में है। सुबह 10 बजे कलेक्टर अवनीश शरण और नगर पालिक निगम आयुक्त अमित कुमार ने फीता काटकर भवन को घरौंदा परियोजना के लिए यह आवासीय भवन 25 हितग्राहियों के लिए पूर्ण सुविधा के साथ संयुक्त संचालक समाज कल्याण की निगरानी में तैयार हुआ।

गौरतलब है कि घरौंदा की व्यवस्था को लेकर हाई कोर्ट बिलासपुर ने भी संज्ञान में लिया था। उनके लिए बेहतर इंतजाम और सुविधा बनाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। लोकार्पण के बाद कलेक्टर और निगम आयुक्त ने पूरे भवन का निरीक्षण किया विशेष कर रसोई, फिजियोथैरेपी और प्रसाधन की सुविधाओं पर ध्यान दिया। लाभार्थियों से भोजन, वस्त्र, इलाज और उनकी दिनचर्या के संबंध में पूछा। उन्होंने यहां रह रहे लोगों को मिठाई और नाश्ता  भी वितरित किया। कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन के बाद कलेक्टर और अन्य मेहमानों का संस्था की ओर से पुष्प गुच्छ देकर स्वागत भी किया गया। संयुक्त संचालक श्रीमती श्रद्धा मैथ्यू ने कलेक्टर को बताया कि फिलहाल विभिन्न प्रकार की मानसिक विकलांगता से ग्रसित 18 लोग इस घरौंदा में निवासरत हैं। 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को यहां आजीवन निःशुल्क देख रेख किया जाता है। सेंदरी मानसिक चिकित्सालय में समय समय पर इलाज और दवा पानी भी दिया जाता है। महिला घरौंदा के लिए आश्रयदत्त कर्मशाला परिसर में अलग भवन का लोकार्पण भी कुछ माह पहले हो चुका है। 25 मानसिक रोगी महिलाओं को यहां आश्रय प्राप्त है।  कार्यक्रम में उप नियंत्रक हरीश सक्सेना, प्रोबेशन ऑफिसर सरस्वती रामेश्री, प्रशांत मोकसे,उत्तमराव माथनकर,प्रदीप शर्मा, विकास सेवा समिति के पदाधिकारी अंशु गौड़, रुमी दुबे, अमित, ज्योति भूषण के साथ घरौंदा का स्टॉप सोमेश, भूपेंद्र, सोमेश, अनुपमा, रिया, पराग, माया, नीता, ज्योति, माया सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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